पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से 2006 में पटियाला के लिए घोषित करोड़ों का नहर आधारित पानी सप्लाई प्रोजेक्ट दो दशक बाद भी लटका है।
इस प्रोजेक्ट के तहत पटियालावासियों की लंबे समय से चली आ ही पानी की कमी की समस्या को दूर करके उन्हें 24 घंटे साफ पीने का पानी उपलब्ध कराना था। लेकिन यह प्रोजेक्ट वर्षों तक कभी सरकारी औपचारिकताओं, कभी जमीन न मिलने और कभी टेंडर प्रक्रिया में देरी व अन्य कारणों के चलते लटकता चला गया।
आखिरकार प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य 13 अक्तूबर 2020 को शुरू हुआ और इसे अक्तूबर 2023 तक पूरा किया जाना था, परंतु तय समय सीमा निकलने के बाद भी शहर को नहरी पानी की नियमित सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। अब फिर से पटियालावासियों की उम्मीद जगी है।
31 अक्तूबर तक प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा
वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विकास धवन ने बताया कि प्रोजेक्ट का 94 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वर्तमान टेस्टिंग का काम चल रहा है। 31 अक्तूबर तक प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा हो जाएगा, जिसके बाद पटियाला के मजीठिया एनक्लेव, आनंद नगर, आनंद नगर एक्सटेंशन, गुरदर्शन नगर, प्रेम नगर इलाकों को ट्रीटमेंट के बाद नहर के पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी।
करीब 565 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत पांच लाख की आबादी को 24 घंटे साफ पीने का पानी मुहैया कराना है। प्रोजेक्ट की कुल लागत में 10 साल के रख-रखाव का खर्च भी शामिल है। पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड ने इसके निर्माण का ठेका एलएंडटी को करीब 341 करोड़ रुपये में दिया है।
प्रोजेक्ट के तहत भाखड़ा नहर से पानी लाकर गांव अबलोवाल में बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उसका शोधन किया जाना है। इसके बाद पाइपलाइन नेटवर्क के जरिये शहर के विभिन्न हिस्सों तक पानी पहुंचाया जाएगा। अबलोवाल में करीब 115 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा चुका है। साथ ही दो स्टोरेज टैंक भी बनाए गए हैं। अब तक शहर में 240 किलोमीटर लंबी पाइप लाइनें बिछाई जा चुकी हैं।