पटियाला। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश की किस्मत बदलना समाज पर निर्भर करता है। इसलिए अगर समाज में एकजुटता नहीं होगी, तो सुधार के लिए बनी योजना भी सफल नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नेता बदलने से कुछ भी फर्क नहीं पड़ा। उसके आचरण व मन को बदलने की जरूरत है। वह सोमवार को नगर निगम के आडिटोरियम में आयोजित एक समागम में मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रहे थे।
मोहन भागवत ने कहा कि इस कार्यक्रम में संघ का प्रचार नहीं किया जाएगा बल्कि संघ के बारे में संगठनात्मक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले हर एक व्यक्ति का स्वभाव ही हमारे देश की संस्कृति है। चाहे हमारे देश में अनेक प्रांत है, लेकिन हम सभी एक हैं। उन्होंने कहा कि संघ में शामिल होना आसान है, लेकिन इसे समझना कठिन है। संघ अनोखे ढंग से काम करता है।
संघ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य एकता था, इसी उद्देश्य को लेकर यह संगठन आज भी काम कर रहा है। इस मौके पर आरएसएस के जिला संयोजक डॉ. राजिंदर कुमार, मेयर अमरिंदर सिंह बजाज, सीनियर डिप्टी जगदीश राय चौधरी, अनिल बजाज आदि मौजूद रहे।