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पंजाब पर छाया मानसून: जालंधर में बांध टूटने से रिहायशी इलाके में घुसा पानी, राजपुरा में तेज बरसात से जलभराव

Fri, 10 Jul 2026 01:30 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला

सार

मौसम विभाग के अनुसार, तीन जुलाई से नौ जुलाई तक पंजाब में सामान्य 29.6 मिमी के मुकाबले केवल 11.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम है।
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राजपुरा में बरसात से जलभराव - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब के शेष हिस्सों में भी वीरवार को मानसून सक्रिय हो गया। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेशभर में बारिश और शनिवार-रविवार के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
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पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं राजपुरा में शुक्रवार तड़के तेज बरसात के बाद जलभराव हो गया जिससे लोगों को परेशानी हुई।

वीरवार को मोहाली में 21 मिमी, लुधियाना में 9.6 मिमी, रूपनगर में 5.5 मिमी, पटियाला में 0.9 मिमी तथा होशियारपुर व पठानकोट में 0.5-0.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 2.5 डिग्री कम है। सबसे अधिक 42.4 डिग्री तापमान फरीदकोट में दर्ज किया गया।
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मौसम विभाग के अनुसार, तीन जुलाई से नौ जुलाई तक पंजाब में सामान्य 29.6 मिमी के मुकाबले केवल 11.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के जलवायु परिवर्तन एवं कृषि मौसम विज्ञान विभाग की प्रोफेसर पवनीत किंगरा ने कहा कि मौजूदा बारिश धान समेत खरीफ फसलों के लिए लाभदायक है, क्योंकि इससे खेतों में प्राकृतिक नमी बढ़ेगी हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि यदि पूरे मानसून के दौरान बारिश सामान्य से कम रहती है तो भूजल पर निर्भरता बढ़ सकती है।
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जालंधर में नहर का बांध टूटा
जालंधर के गदईपुर इलाके में नहर का बांध टूटने से आसपास की कॉलोनियों में पानी घुस गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे तथा राहत कार्य शुरू कर दिया।



मिट्टी से भरी बोरियों और क्रेन मशीन की मदद से टूटे बांध को बंद करने का प्रयास किया गया, जिससे पानी के बहाव को काफी हद तक रोक लिया गया। बताया जा रहा है कि कई जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण नहरों का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे ओवरफ्लो होकर बांध टूट गया। राहत की बात यह रही कि पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंचा, अन्यथा भारी नुकसान हो सकता था। हालांकि कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय निवासी देसराज ने बताया कि देर रात करीब 11 बजे बांध टूटने की सूचना मिली, जिसके बाद लोगों ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया। रात 2 बजे दो स्थानों पर बांध टूट गया था, लेकिन सुबह तक काफी हद तक स्थिति पर काबू पा लिया गया।

वहीं क्रेन मालिक मोनू ने बताया कि उनकी मशीन सड़क निर्माण कार्य में लगी थी, जिसे तुरंत मौके पर लाकर मिट्टी डालकर दोनों जगह नए अस्थायी बांध तैयार किए गए। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में यदि भारी बारिश जारी रही तो निचले इलाकों में जलभराव और लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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