मंडी गोबिंदगढ़ नगर काउंसिल गेट पर ओवर ब्रिज की मांग को लेकर धरना देते ग्रामीण।
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मंडी गोबिंदगढ़ काउंसिल की मासिक बैठक में 16 नंबर रेलवे क्रासिंग नंबर-151सी पर बनने वाले ओवरब्रिज का प्रस्ताव रखा गया। ओवर ब्रिज को लेकर भारी रोष के चलते काउंसिल ने इसे शहर के हाथों जाता देख बैठक में अंडर और ओवर ब्रिज दोनों पर सदस्यों की राय मांगी। बैठक में दोनों तरह के पुलों के निर्माण को लेकर काउंसिल ने इसे पीडबल्यूडी को भेज दिया।
वहीं जैसे ही ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज का प्रस्ताव काउंसिल बैठक में रखे जाने की भनक लाइन पार इलाकों के 20 गांवों के लोगों को लगी तो उन्होंने किसान नेता राजिंदर सिंह बैनीपाल की अध्यक्षता में काउंसिल गेट पर अंदर से ताला जड़ दिया और गेट पर धरने पर बैठ गए। ग्रामीण किसी भी पार्षद को बाहर न जाने की जिद पर अड़ रहे। सभी ओवर ब्रिज बनाए जाने की मांग कर रहे थे।
धरनाकारियों ने कहा कि छह करोड़ की लागत से नसराली में पहले बनाया गया अंडरब्रिज भी कामयाब नहीं हुआ और उस पर काउंसिल ने बरसात के दिनों में अंदर न जाने का नोटिस बोर्ड लगा दिया है। ऐसे में नए रेलवे अंडर ब्रिज को वह बनने नहीं देंगे और जो पार्षद या नेता अंडर ब्रिज पर सहमति जताएंगे, उनका विधान सभा चुनाव में बायकाट करके गांवों में उनकी एंट्री बंद कर दी जाएगी।
धरनाकारियों ने दो घंटे तक किसी भी व्यक्ति को बाहर जाने नहीं दिया। कई काउंसिल पार्षदों से ग्रामीणों की तीखी नोक झोंक भी हुई। इस मौके पर थाना मंडी गोबिंदगढ़ के एसएचओ कंवलजीत सिंह ने धरनाकारियों को शांत किया। करीब दो घंटे बाद काउंसिल अध्यक्ष के पति केके जिंदल और शिअद नेता भारत भूषण टोनी ने ग्रामीणों को एजेंडे की कापी पढ़कर सुनाई जिसमें कोई भी अंडरब्रिज न बनाए जाने का एजेंडा नंबर-16 दिखाया। इसके बाद मामला शांत हुआ।