-कहा- जेल नियमों का पालन नहीं, सिर्फ मान की मर्जी के नियम चल रहे
-मजीठिया पर 24 घंटे सीसीटीवी के जरिये नजर रखे मान, मामले को कोर्ट में उठाएंगे
-
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। आय से अधिक संपत्ति मामले में नाभा जेल में बंद शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से वीरवार को उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर ने मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में पंजाब सरकार पर सवाल उठाते हुए कलेर ने कहा कि इस जेल में सबसे ज्यादा गैंगस्टर बंद हैं। इसलिए जेल मैनुअल के मुताबिक मजीठिया को ऑरेंज कैटेगरी में रखा जाना चाहिए था लेकिन उनको 9 और कैदियों के साथ रखा गया है। एक तरफ सुरक्षा का हवाला देते हुए मजीठिया को गुपचुप तरीके से अदालत ले जाया जा रहा है। दूसरी तरफ मजीठिया की जेल में सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। कलेर ने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सीसीटीवी कैमरों के जरिये 24 घंटे जेल में मजीठिया की निगरानी रख रहे हैं। इस मामले में अदालत में सवाल उठाए जाएंगे।
मजीठिया के वकील अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि नाभा की नई जिला जेल में पंजाब जेल नियमों का पालन नहीं हो रहा है। सिर्फ सीएम मान की मर्जी के नियमों का पालन हो रहा है। साथ ही कहा कि पुलिस रिमांड के दौरान वह एक घंटे के लिए मिल सकते थे लेकिन जेल प्रशासन ने आधे घंटे में चार चक्कर लगा दिए। जेल सुपरिंटेंडेंट ने उन्हें बार-बार कहा कि अब आपके जाने का समय हो गया है। कलेर ने कहा कि जब उन्होंने सुपरिंटेंडेंट से पूछा कि क्या यह मुलाकात जेल नियमों के अनुसार हो रही है या भगवंत मान के निर्देशानुसार। कलेर ने आरोप लगाया कि सरकार के विधायकों के लिए अलग नियम हैं, क्योंकि गज्जन माजरा जैसे नेता जेल में नहीं बल्कि अस्पताल में रहे और वहीं से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन के पास ऐसा नियम है जो वकील को मिलने से रोक सके। उन्होंने अदालत से मांग की है कि जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए। जेल नियम केवल मजीठिया के लिए हैं। अलग नियम क्यों बनाए गए हैं। वह यह सवाल अदालत में उठाएंगे। एक सवाल के जवाब में कलेर ने कहा कि मजीठिया चढ़दी कला में हैं। उन्होंने कहा कि जेल के कैमरों को देखने के बजाय भगवंत मान को राज्य पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री 24 घंटे नाभा जेल के कैमरों पर ही नजर रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल सुपरिंटेंडेंट सिर्फ पंजाब के मुख्यमंत्री की बात मान रहे हैं। जेल नियमों के मुताबिक नहीं चल रहे। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को मजीठिया की जमानत पर बहस होगी और इस पर फैसला जल्द आ जाएगा।