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किसानाें ने जमाया रेलवे स्टेशन पर डेरा

Wed, 17 Jun 2015 09:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
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सूबे के 27.4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बिजाई का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन मजदूरों की कमी ने किसानों को परेशान किया हुआ है। किसान पिछले तीन दिन से रेलवे स्टेशन पर डेरा डालकर मजदूरों की तलाश कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें मजदूर नहीं मिल रहे।
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राजपुरा पंजाब का मुख्यद्वार व रेलवे जंक्शन होने की वजह से यहां पर दूरदराज के शहरों से भी किसान स्टेशन पर पहुंचकर हर आने वाली ट्रेन से उतरने वाले प्रवासियाें को विशेष तरह के प्रलोभन दे रहे हैं। वे उन्हें बिजाई करने के रेट अन्य किसानों से ज्यादा व एडवांस देने की बात कर रहे हैं।

हालांकि आने वाले मजदूर बिहार और उत्तरप्रदेश से ही सेटिंग करके आए हैं, इसलिए उनके टीम लीडर को पटाना किसानों को टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

जिला पटियाला में 2 लाख 36 हजार 4 सौ हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बिजाई की जाती है। इससे पिछले वर्ष 14 लाख 37 हजार टन धान की पैदावार हुई।

इस वर्ष मजदूराें की कमी के चलते व बिजाई न होने से खेतीबाड़ी प्रभावित हो रही है। इलाके के कई किसान पंजाब सरकार के 15 जून के बिजाई के आदेश के बाद भी बिजाई का कार्य अब तक शुरू नहीं कर सके हैं।
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राजपुरा स्टेशन पर पहुंचे संगरूर जिले के नट्टे गांव के रघुवीर सिंह, खानपुर के मंगल सिंह, हरदितपुरा के अवतार सिंह, गद्दापुर के सतनाम सिंह ने बताया कि वे यहां मजदूरों की तलाश में आए हैं। पिछले दो दिन से रेलवे स्टेशन पर रह रहे हैं।

मजदूरों को पिछले वर्ष के 1600 से 1800 रुपये प्रति एकड़ बिजाई के बदले 2000 रुपये देने व खाना पीना भी देने की बात कह रहे हैं लेकिन वे तैयार नहीं हो रहे।

गांव अखनूर के सुखविंदर सिंह, बसंतपुरा के परमजीत सिंह, उगाणी के गुरपाल सिंह की भी हालत ऐसी है कि मजदूरों की तलाश में वे मारे-मारे फिर रहे हैं।

मार्केट कमेटी राजपुरा के सुपरिंटेंडेंट अश्वनी बांसल का कहना है कि ज्यादातर किसान मजदूरों से सीजन के मौके बिजाई करवाने को मजबूर हैं। पहले अन्य राज्यों से हजारों मजदूर बिजाई के सीजन में आते थे, लेकिन अब इनकी संख्या सैकड़ों में रह गई है।
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इसका मुख्य कारण दूसरे प्रदेशाें में उन्हें काम मिलना है। इसके चलते वे पंजाब को तरजीह नहीं देते। 
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