कर्ज में डूबे सात लाख किसान कर चुके हैं आत्महत्या
डल्लेवाल ने कहा कि देशभर में कर्जों के कारण करीब सात लाख किसान आत्महत्याएं कर चुके हैं। भविष्य में और कोई किसान आत्महत्या न करे,इसलिए यह आंदोलन शुरू किया गया है। किसानों को घट रहे जलस्तर के लिए निशाने पर लिया जाता है। अगर एमएसपी की कानूनी गारंटी मिल जाती है, तो यह समस्या भी हल हो जाएगी।
अन्य राज्यों के किसान भी साथ आएं
डल्लेवाल ने पहले किसानी आंदोलन पर कहा कि देश के अन्य राज्यों के किसान नेता उलाहना देते थे कि पंजाब लड़ाई को बीच में छोड़कर चला गया। इस उलाहने को दूर करने के लिए किसानी आंदोलन 2.0 की शुरुआत की गई है। इस आंदोलन की जीत के लिए जरूरी है कि देश के बाकी राज्यों के किसान भी इस लड़ाई में उनका सहयोग करें।