सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
खनौरी बऍर्डर पर आमरण अनशन के कारण कैंसर मरीज किसान नेता डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत का सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को डल्लेवाल को मेडिकल सहायता मुहैया कराने के आदेश दिए, लेकिन डल्लेवाल मांगें पूरी होने पर ही अनशन खत्म करने पर अड़े रहे, जिसके चलते केंद्र को झुकना पड़ा। 18 जनवरी को केंद्र के अधिकारी खनौरी बाॅर्डर पहुंचे और 14 फरवरी की बैठक का पत्र किसान नेताओं को सौंपा। अब किसानों की इस बैठक के साथ उम्मीदें लगी हैं।
खेतीबाड़ी माहिरों से हो रही चर्चा, ताकि मजबूती से रख सकें मांगें
किसान नेता काका सिंह कोटड़ा व अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि शुक्रवार की केंद्र के साथ बैठक को लेकर किसान संगठन पूरी तरह से तैयार हैं। विभिन्न खेतीबाड़ी माहिरों के साथ विचार-चर्चा की जा रही है, ताकि मजबूती के साथ बैठक में किसानों की मांगों को रखा जा सके। साथ ही मीडिया के जरिये देश के सभी किसान संगठनों से अपील की गई है कि मांगों के बारे में वह अपने सुझाव या तो टेलीफोन के जरिये या फिर ई-मेल के माध्यम से दे सकते हैं। खनौरी बार्डर पर पहुंच भी सुझाव दिए जा सकते हैं।
ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें
- एमएसपी की कानूनी गारंटी
- किसानों व मजदूरों की कर्ज मुक्ति
- मनरेगा के तहत साल में 200 दिन रोजगार, दिहाड़ी 700 रुपये हो
- किसानों व मजदूरों के लिए पेंशन स्कीम
- फसलों के दाम स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों पर तय हों
- आदिवासियों के लिए संविधान की पांचवीं सूची लागू हो