थाना सिटी में अमानवीय अत्याचार का शिकार हुए दलित परिवार के व्यक्ति को इंसाफ दिलाने के लिए कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरिंदरपाल सिंह सीबिया की तरफ से थाना सिटी के सामने तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रखी गई। इस दौरान कांग्रेसियों ने एसएसपी संगरूर का पुतला जलाया और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर सीबिया ने कहा कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद भी थाना सिटी के प्रभारी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शराब माफिया और अकाली दल में गहरे संबंध हैं। दोनों मिलकर लोगों पर अत्याचार ढा रहे हैं।
सीबिया ने मामले में शामिल पुलिस मुलजिमों के पास इतनी ज्यादा जायदाद होने पर सवाल उठाते कहा कि एक हवलदार और होमगार्ड के मुलाजिमों के पास इतनी संपति कहां से आई? इसकी विजिलेंस से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि पुलिसिया कहर का शिकार हुए मंगा सिंह को जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। सीबिया ने कहा कि चार जनवरी को इस धरने में पूर्व मुख्यमंत्री बीबी राजिंदर कौर भट्ठल शिरकत करेंगी।
वहीं दूसरी ओर वाल्मीकि समाज ने रविवार को सुनामी गेट में यातायात बाधित करके एसएसपी का पुतला जलाकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि थाना सिटी में गरीब परिवार से संबंधित मंगा सिंह के साथ किया गया अमानवीय अत्याचार इंसानियत के माथे पर कलंक है।
उन्होंने मांग की कि एसएसपी को तुरंत बर्खास्त किया जाए और पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ सरकारी नौकरी दी जाए।
वहीं थाना सिटी में मामले में शामिल चौथे आरोपी को पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामले में शामिल संजय कुमार बबलू जिसे पिछले महीने 27 दिसंबर को पंजाब पुलिस सलाहकार कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया था और उसी के कहने पर पीड़ित मंगा सिंह को पुलिस मुलाजिमों ने शराब तस्करी के मामले में उठाया था। पुलिस प्रशासन ने मामले में शामिल तीन पुलिस मुलाजिमों के साथ संजय कुमार के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
उसे शनिवार की रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रविवार को पुलिस ने संजय कुमार को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट एकता की अदालत में पेश किया, जहां उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।