बहुचर्चित जलूर कांड में मौत के आगोश में समाई माता गुरदेव कौर का पोस्टमार्टम के बाद इंकलाबी नारों के बीच गांव जलूर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने माता गुरदेव कौर को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए एलान किया कि जमीन के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
सुबह से ही विभिन्न गांवों से हजारों मजदूर-किसान संगरूर के गदर मेमोरियल भवन में इकट्ठा हुए और एक बड़े काफिले के रूप में गांव जलूर पहुंचे। गांव में मार्च निकालने के बाद माता गुरदेव कौर का संस्कार कर दिया गया।
इस मौके पर जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष मुकेश मलौद, भाकियू एकता उग्राहां के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां, भाकियू एकता डकौंदा के अध्यक्ष बूटा सिंह ने कहा कि माता गुरदेव कौर की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। जमीन के लिए चल रहे संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गांव के चौधरियों, पुलिस प्रशासन और राजनीतिक लोगों को यह भ्रम था कि दलितों के घरों पर हमले करके व उनकी मारपीट करके उन्हें दबा लिया जाएगा, लेकिन मजदूरों-किसानों की एकजुटता ने इसका मुंह तोड़ जवाब दिया। जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके जेलों में नहीं भेजा जाएगा। जमीन की बोली रद्द करके दलितों को नहीं दी जाती यह संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने एलान किया कि 17 दिसंबर को पंजाब भर में रेलों का चक्का जाम किया जाएगा और माता गुरदेव कौर का श्रद्धांजलि समागम सात दिसंबर को गांव जलूर में किया जाएगा। इस मौके पर किरती किसान यूनियन के सतबीर सिंह, सतविंदर सिंह, जोरा सिंह नसराली, कश्मीर सिंह, संजीव मिंटू, बहाल सिंह, सुरजीत सिंह, सिंदर सिंह मौजूद थे।