-गुरुद्वारे में चल रही थी सेवा, अब संगत की आंखें नम
-गुरुद्वारे की देखभाल और एकता की कमी को दोषी माना गया
-दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गुरु स्वरूप का पुनः प्रकाश करने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। जालंधर के गांव माहलां में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंग फाड़ने की दुखद घटना के बाद फिल्लौर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गुरुद्वारा साहिब से गुरु स्वरूप को पावन स्थल पर सुरक्षित ले लिया। गुरु स्वरूप की विदाई के समय संगत की आंखें नम हो गईं। रोज़ाना माथा टेकने और सेवा करने आने वाली महिलाएं फूट-फूट कर रो पड़ीं।
महिला संगत ने कहा कि जो हुआ वह बेहद दुखद है। रोज़ गुरु घर आकर सेवा करना हमारी दिनचर्या थी। अब यह सोचकर दिल बैठा जा रहा है कि कल से गुरु साहिब के दर्शन नहीं हो पाएंगे। संगत ने आत्ममंथन करते हुए कहा कि एकता की कमी और गुरुद्वारे की उचित देखभाल न होना भी इस स्थिति का कारण बना।
जर्जर हालत में चल रहा गुरुद्वारा
संगत ने बताया कि गुरुद्वारा केवल एक कमरे में था, छत पुरानी और बरसात में पानी टपकने की समस्या रहती थी। अभी तक कोई औपचारिक कमेटी नहीं बनी थी, जिससे रख-रखाव नहीं हो पा रहा था। हाल ही में कमेटी बनाने और विस्तार को लेकर चर्चा चल रही थी, लेकिन दुखद घटना उससे पहले घट गई। विदाई के समय संगत भावुक हो गई, कई युवतियां रोती नजर आईं। संगत ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गुरुद्वारे की मर्यादा बहाल करने की मांग की।
नाबालिग आरोपी पर नरमी की अपील
गांव वालों ने आरोपी नाबालिग बच्चे के प्रति संवेदनशील रुख अपनाया। उनका कहना है कि बच्चा मानसिक रूप से पूरी तरह विकसित नहीं है और संभव है कि उसे किसी ने मोहरा बनाया हो। जालंधर देहात के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बच्चा मानसिक रूप से कमजोर पाया गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शाम 6:30 बजे घटना हुई। मामला जुबेनाइल एक्ट के तहत दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।