डल्लेवाल से मुलाकात करते प्रशासनिक अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी से अभी तक नहीं आया पत्र का जवाब
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ व अन्य ने बताया कि डल्लेवाल की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनशन शुरू किए जाने के बाद से दो पत्र लिखे गए हैं। लेकिन अभी तक इनका कोई जवाब नहीं आया है। इससे साफ है कि केंद्र में काबिज सरकार किसान विरोधी है। यह सरकार किसी भी कीमत पर मांगों को लेकर किसानों के साथ बातचीत करने के मूड़ में नहीं है। किसान नेताओं ने साफ किया कि अगर केंद्र या राज्य सरकारों ने जबरन डल्लेवाल को उठाने की कोशिश की, तो उन्हें लाशों पर से गुजरना पड़ेगा। इसकी सारी जिम्मेदारी सरकारों की होगी।
वित्त मंत्री चीमा ने डल्लेवाल से की मुलाकात।
- फोटो : अमर उजाला
वित्त मंत्री चीमा भी डल्लेवाल का हालचाल जानने आए
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा शुक्रवार को खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का हालचाल जानने पहुंचे थे। मीडिया से बात करते चीमा ने कहा कि मान सरकार लगातार केंद्र के साथ किसानी मांगों को लेकर संपर्क में है। उनकी सरकार खुद चाहती है कि किसानी मसले जल्द हल हों। उन्होंने केंद्र से मांग की कि पीएम नरेंद्र मोदी जल्द जरूरी दिशा-निर्देश जारी करके किसानों की मांगों को पूरा कराएं।
30 को होगा मुकम्मल बंद, न मिलेगी सब्जी और न होगी दूध की सप्लाई
पंजाब में 30 दिसंबर की बंद की काल को सफल बनाने के लिए शुक्रवार से किसानों ने गांव-गांव व घर-घर प्रचार मुहिम शुरू की। इस मौके किसानों ने बसों व दुकानों के बाहर भी पोस्टर लगाकर बंद में शामिल होने का आह्वान किया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि बंद को लेकर किसानों को दुकानदारों, छात्र जत्थेबंदियों व व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों के साथ-साथ जनता का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बंद वाले दिन कोई भी किसान सब्जी लेकर नहीं जाएगा और न ही कोई दोधी उस दिन दूध की सप्लाई करने के लिए शहर जाएगा।