रोपड़ में हाकी खिलाड़ी गुरिंदर सिंह का स्वागत करते लोग।
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दशमेश हाक्स ह़ाकी क्लब के खिलाड़ी गुरिंदर सिंह ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। गांव समराला के रहने वाले गुरिदंर सिंह विश्व चैंपियन बनी भारतीय जूनियर हाकी टीम के सदस्य हैं। गुरिंदर सिंह के रोपड़ पहुंचने पर शहर वासियों ने जोरदार स्वागत कर भंगड़ा किया। गांव में हर कोई गुरिंदर की जीत की खुशी मनाता हुआ दिखाई दिया।
गुरिंदर सिंह की माता मनजीत कौर की आंखें खुशी में नम थी और दादा अवतार सिंह तथा दादी गुरदेव कौर का भी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। खेल प्रमोटर व कांग्रेसी नेता अमरजीत सिंह भुल्लर ने भी गुरिंदर सिंह के रोपड़ पहुंचने पर मिठाई बांटी। भुल्लर ने बताया कि गुरिंदर सिंह साधारण परिवार के हैं। उनके पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
गांव पहुंचने पर गुरिंदर सिंह ने कहा कि उसे खुशी है कि वह अपने देश के लिए कुछ कर पाया है। गुरिंदर ने कहा कि 2001 के बाद देश को हाकी में मेडल दिलवाकर वह काफी खुशी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कोच के कहने पर किसी प्रेशर में मैच नहीं खेले जिस कारण ही वह शानदार प्रदर्शन कर पाए। वह आगे भी भारत को मेडल दिलवाने के लिए और कड़ी मेहनत करेंगे।
गुरिंदर की माता मनजीत कौर ने कहा कि गुरिंदर दो साल के कड़ी मेहनत कर रहा था। वह रोजाना ही चार घंटे तक ग्राउंड में रहता था। गुरिंदर सिंह ने चाचा गुरचरन सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बच्चे पर गर्व है कि उसने अपने परिवार का नाम रोशन किया है। उन्होने बताया कि गुरिंदर सिंह सात वर्ष से हाकी खेल रहा है और हाक्स क्लब से महासचिव सविंदर सिंह सैनी ने गुरिंदर को कड़ी मेहनत करवाई है। इसके चलते गुरिंदर इस मुकाम पर पहुंच सका है।