पंजाब सरकार किसानों को मंडियों में किसी भी प्रकार की परेशानी न होने के दावे करते नहीं थकती लेकिन वहां फसल की संभाल के लिए तिरपाल न होने से विभाग की पोल खुल जाती है।
वीरवार देर शाम को आई बारिश की वजह से हजारों क्विंटल धान पानी की भेंट चढ़ गया। हैरानी वाली बात यह है कि अधिकारी धान भीगने की बात मानने को तैयार नहीं हैं। विभिन्न खरीद एजेंसियों की ओर से लाखों क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। सरकारी दावों के विपरीत लिफ्टिंग नहीं होने से मंडी में अनाज पड़ा है।
शाम को करीब साढ़े छह बजे अचानक बारिश आने से किसानों के चेहरों पर चिंता बढ़ गई। अनाज मंडी में बिक चुके और बिकने के लिए आए सारे धान को ढकने के लिए तिरपालों का प्रबंधक तक नहीं है। यही नहीं अनाज मंडी में पानी की निकासी का उचित प्रबंध भी नहीं है। बारिश से हजारों क्विंटल धान पानी की भेंट चढ़ गया।
एसडीएम जेके जैन के मुताबिक मंडी में सारा धान ढका पड़ा हुआ है। धान बारिश ने नहीं भीगा। बावजूद इसके वे जांच और अगर किसी की लापरवाही पाई गई तो कानूनी कार्रवाई जाएगी।