पंजाब गोसेवा आयोग के चेयरमैन कीमती भगत ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य की 472 गोशालाओं को मुफ्त बिजली और पानी की सुविधा देने का फैसला किया गया है। गोशालाओं की सुविधा के लिए किए जा रहे इस कार्य पर एक साल में करीब बारह करोड़ रुपये का खर्च होगा।
सूबे में एक लाख छह हजार के करीब गोधन सड़कों पर घूमने को विवश हैं जिसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। कीमती भगत शुक्रवार को जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में जिले की सभी गोशालाओं के नुमाइंदों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गोधन की संभाल के कार्यों की जानकारी लेने तथा आयोग के नियमों से अवगत करवाने को बुलाई बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि नसल सुधार योजना तहत साहीवाल नसल का सीमेन प्रत्येक जिला स्तर पर गोशालाओं तथा किसानों को मुहैया करवाया जाएगा। उन्होंने संगरूर डीसी को गोधन की रक्षा के लिए अच्छी भूमिका निभाने वाले गोभगतों तथा प्रशासनिक अधिकारियों को 15 अगस्त और 26 जनवरी को सम्मानित करने की सिफारिश की।
कीमती भगत ने बताया कि गोचर, गोचरांद और गोशालाओं की जमीनों को नाजायज कब्जों से मुक्त करवाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है, राज्य में पड़ी ऐसी जमीनों की पड़ताल करके गोधन सेवा के योग्य बनाई जाएगी।
उन्होंने पशु पालन के डिप्टी डायरेक्टर को हिदायत की कि जिले की सभी गोशालाओं में समय पर गोधन का टीकाकरण करना यकीनी बनाया जाए।