मालेरकोटला के गांव गोआरा में बीमार पशुओं के साथ अपना दुख व्यक्त करते किसान।
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कस्बा अमरगढ़ के गांव गोआरा में इन दिनों पशुओं में एक अज्ञात बीमारी फैल गई है। इससे गांव में एक महीने के अंदर करीब पचास भैंसों और गायों की मौत हो चुकी है।
हालात अभी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब भी करीब एक सौ दुधारू पशु इस बीमारी से पीड़ित हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे किसानों के लिए यह काफी दुखदायी खबर है।
गांव के पूर्व सरपंच सरबजीत सिंह ने बताया कि यह कौन सी बीमारी है इसका अभी तक पशु पालन विभाग अनुमान नहीं लगा पाया है। एक दुधारू पशु पर एक लाख रुपये तक खर्च आता है ऐसे में एक ही गांव में पचास लाख का नुकसान किसानों को और अधिक नुकसान पहुंचा रहा है।
उन्होंने बताया कि मरने से तीन दिन पहले ही इस बीमारी से पीड़ित पशु चारा खाना छोड़ देते हैं। गांव के लोगों ने इस मामले में अपने पशुओं की लुधियाना की गुरु अंगद देव यूनिवर्सिटी साइंस यूनिवर्सिटी के माहिरों से भी जांच करवाई है, लेकिन कुछ परिणाम नहीं निकला। पशु पालन विभाग की उच्चस्तरीय जांच टीम दो बार इस गांव का दौरा करके पशुओं का निरीक्षण कर चुकी है। विभाग को भय है कि कहीं यहां गलघोटू बीमारी न हो।
इसके लिए उन्होंने सभी पशुओं का टीकाकरण भी किया है।
मंगलवार को भी सुबह ऐसी ही टीम संगरूर से इस गांव में पहुंची और जायजा लिया। टीम द्वारा मृत पशुओं का पोस्टमार्टम भी करवाया गया है, जिनमें कुछ के मौत का कारण निमोनिया बताया गया है।