संगरूर में डीसी दफ्तर के सामने रोष धरना देते हुए पल्लेदार मजदूर।
- फोटो : amarujala
राज्यभर से पहुंचे पल्लेदार मजदूरों ने बुधवार को शहर में काली झंडियों से रोष मार्च निकाला और डीसी दफ्तर के सामने रोष धरना लगाकर प्रदेश सरकार खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस रोष प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन के जिलाध्यक्ष तेलू राम धूरी ने किया। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कर्म देओल ने कहा कि पल्लेदार मजदूर वर्षों से पंजाब की फूड एजेंसियों में कड़ी मेहनत कर सरकारी अनाज की संभाल तथा लोडिंग-अनलोडिंग का काम करते हैं। पंजाब सरकार ने पल्लेदार मजदूरों पर ठेकेदारी सिस्टम (टेंडर प्रणाली) थोप दिया है जिसकी वजह से पल्लेदार मजदूरों की बड़े स्तर पर लूट हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नेता भी ठेकेदारों का पक्ष ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि फूड मंत्री और डिप्टी डायरेक्टर से हुई बैठकों में उनकी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया था जो अभी तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने मांग की कि सरकार द्वारा डलवाए टेंडर तुरंत रद्द किए जाएं और पल्लेदार को सीधी पेमेंट बिना टेंडर के दी जाए। साल 2015 की पेमेंट न मिलने के कारण पल्लेदारों के परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। मजदूरों की मेहनत का पैसा जल्द दिया जाए। पंजाब में पल्लेदार एंट्री कार्ड बनाए जाएं, 1970 के श्रम एक्ट के मुताबिक सभी सुविधाएं दी जाएं। इस मौके पर प्रदेश नेता गुरदेव सिंह मानसा, गुरदीप सिंह समाना, निर्मल सिंह बुढलाडा, बख्तावर सिंह, जगदीश मसीह पटियाला, मुख्तयार सिंह तरनतारन, टिंका सिंह रामपुरा, अंग्रेज सिंह मुक्तसर, हंसा सिंह मौड़मंडी, राम सिंह दिड़बा, दर्शन सिंह बरेटा, लछमन यादव, भोला सिंह, बलौर सिंह मौजूद थे।