पटियाला में बेरोजगार अध्यापकों को जबरन ले जाती पुलिस।
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वादे के मुताबिक मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार के साथ बैठक का समय न मिलने से ईटीटी टेट पास बेरोजगार अध्यापक गुस्से में हैं। बुधवार दोपहर बाद चार बेरोजगार अध्यापकों ने गुप्त एक्शन के तहत सीएम के मोती महल के बाहर पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनमें सुखचैन सिंह, सोनिया, अकविंदर और जस्सी रायसधराना शामिल रहे।
प्रदेश प्रधान दीपक कंबोज ने कहा कि बेरोजगार अध्यापकों ने सात महीने लगातार संगरूर में पक्का धरना लगाकर संघर्ष किया। तब जाकर सरकार ने 2364 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया। अब इन पदों पर भर्ती में बीएड उम्मीदवारों को भी रखा जा रहा है, जो सरासर गलत है। उन्होंने मांग की कि इन पदों पर ईटीटी टेट पास उम्मीदवारों को ही पहल के आधार पर रखा जाए। साथ ही मांग की कि ईटीटी टेट पास उम्मीदवारों के लिए 10 हजार नए पदों का भी विज्ञापन जारी हो।
शिक्षा प्रोवाइडरों व वालंटियरों को दिए गए अतिरिक्त अंकों की शर्त हटाई जाए और उच्च योग्यता के नंबरों की शर्त भी हटाई जाए। इसके साथ ही भर्ती करते समय आयु सीमा में छूूट दी जाए। प्रधान ने कहा कि जब बेरोजगारों ने मोती महल के घेराव को कूच किया था। उस समय बेरोजगारों के साथ प्रशासन ने वादा किया था कि 30 मार्च को उनकी बैठक मुख्य प्रमुख सचिव के साथ करा दी जाएगी। यह वादा झूठा साबित हुआ। इसके बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।