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नाभा जेल से बाहर आए पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, समर्थकों ने डाला भंगड़ा

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अमर उजाला ब्यूरो
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पटियाला। भ्रष्टाचार के मामले में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत बुधवार देर शाम नाभा की जेल से बाहर आ गए। इस मौके पर समर्थकों ने फूलों के हार पहनाकर उनका स्वागत किया। साथ ही खुशी में ढोल की थाप पर जमकर भंगड़ा भी डाला। गौरतलब है कि धर्मसोत को दो दिन पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से रेगुलर जमानत मिली थी, लेकिन उन्हें जेल से छोड़ा नही गया था। इस संबंधी पूछने पर जेल प्रशासन की तरफ से बताया गया कि सरकार से उन्हें जानकारी मिली है कि धर्मसोत पर दर्ज केस में नई धाराएं जोड़ी गई हैं। उन्हें जमानत केवल भ्रष्टाचार के मामले में मिली है। इसलिए धर्मसोत की रिहाई फिलहाल नहीं हो सकती है, जिसके बाद धर्मसोत की तरफ से दोबारा से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। ड्ढस पर कोर्ट ने धर्मसोत को नई धाराओं में भी जमानत दे दी। इसके बाद बुधवार देर शाम धर्मसोत को जेल से रिहा कर दिया गया।
इस मौके पर मीडिया से बात करते धर्मसोत ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और वाहेगुरु पर पूरा भरोसा था कि उन्हें जरूर इंसाफ मिलेगा। धर्मसोत ने कहा कि उन्होंने करीब 85 दिन जेल में बिताए हैं और इस दौरान उन्हें पता लग गया कि कौन अपना है और कौन पराया। साथ ही साफ किया कि जितनी देर तक वह राजनीति में रहेंगे, तब तक वह लोगों की सेवा करते रहेंगे। इस मौके एक सवाल के जवाब में धर्मसोत ने कहा कि बदले की राजनीति के तहत लगातार पूर्व कांग्रेसी कैबिनेट मंत्रियों को जेलों में डाला जा रहा है।
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पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में वन मंत्री रहे साधु सिंह धर्मसोत पर आरोप है कि उन्होंने परमिट लेने वाले लोगों से एक पेड़ कटाई के बदले में 500 रुपये कमीशन लिया। शुरुआती जांच में धर्मसोत पर करीब सवा करोड़ की कमीशन लेने के आरोप लगे थे।
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