रोपड़ में लगभग छह वर्ष की सुनवाई के बाद बहुचर्चित तेजा सिंह हत्याकांड में फैसला आया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमरजोत भट्ठी ने पांच को हत्या का दोषी करार दिया है।
सिटी थाना के तत्कालीन एसएचओ बलवंत सिंह मजीठा समेत सात को बरी कर दिया है। दोषियों को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी। वीरवार को इन लोगों को अदालत से जेल भेज दिया।
यह हत्याकांड दो दिसंबर 2007 कोटला निहंग गांव हुआ था। जमीनी विवाद में तेजधार हथियार से यह हत्या की गई थी। तेजा सिंह गांव दुबुर्जी के रहने वाले थे। वह इलाके के जाने-माने व्यक्ति थे।
तत्कालीन एसएचओ बलवंत सिंह मजीठा, भूपिंदर सिंह, अमरजीत जौली आदि के आरोपी होने की वजह से यह हत्याकांड चर्चित बन गया था। जसविंदर सिंह मामले के चश्मदीद गवाह थे। तेज के साथ इन पर भी हमला हुआ था।
अदालत में जिन पांच लोगों को दोषी करार दिया है, उनमें हरेंद्र सिंह बोनी, मनजीत सिंह, अमरजीत सिंह जौली, भूपिंदर सिंह और महिंदर सिंह के नाम शामिल हैं।
सिटी थाना के तत्कालीन एसएचओ बलवंत सिंह मजीठा, राजेश कुमार, बिक्रम सिंह, सोहन सिंह, गगनदीप सिंह, हरप्रीत सिंह और संदीप सिंह को अदालत ने बरी कर दिया है।