संगरुर में वित्त मंत्री की कोठी के सामने धरना-प्रदर्शन करते मजदूर और किसान।
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पिछले एक सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर डीसी दफ्तर के सामने अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठे किसान-मजदूरों ने धरने की जगह तब्दील करते हुए अब धरना वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा की कोठी के सामने लगा दिया है। इससे पहले शहर में रोष प्रदर्शन करके जोरदार नारेबाजी की गई।
इस मौके पर संबोधित करते हुए जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के जिलाध्यक्ष मुकेश मलौद, भाकियू एकता उग्राहां के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां और भाकियू डकौदा के नेता गुरदीप सिंह ने कहा कि एक सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे किसान-मजदूरों की तरफ प्रशासन व सरकार का कोई ध्यान नहीं है। इतने दिन बीत जाने के बावजूद शहीद माता गुरदेव कौर के कातिलों को गिरफ्तार नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को लहरा थाने में पकड़कर बैठा तो लिया किंतु कहीं कोई कागजी कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि उन्हें थाने में एशो आराम करवाया जा रहा है। इसके अलावा प्रशासन ने स्वीकार की मांगों को भी अभी तक लागू नहीं किया जिससे किसान-मजदूरों में प्रशासन व सरकार के प्रति भारी रोष पाया जा रहा है।
उन्होंने एलान किया कि जब तक स्वीकार की मांगों को लागू नहीं किया जाता तब तक वित्त मंत्री की कोठी के सामने धरना इसी तरह जारी रहेगा। इस मौके पर जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के नेता बलविंदर जलूर, बलवीर जलूर, पंजाब खेत मजदूर यूनियन के हरभगवान मूनक, क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के नेता बहाल सिंह, पेंडू मजदूर यूनियन के अमरजीत हनी मौजूद थे।