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किसान आंदोलन: पुलिस के साथ बैठक बेनतीजा, किसानों की चेतावनी- डल्लेवाल को पहले मोर्चे में लाएं फिर होगी बात

Wed, 27 Nov 2024 06:43 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

खनौरी बॉर्डर पर मोर्चा लाए बैठे किसानों के साथ बुधवार को पुलिस प्रशासन की तरफ से बैठक की गई। हालांकि किसान किसी भी बात को मानने को तैयार नहीं है। किसानों का कहना है कि पहले उनके नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को मोर्चे पर लाया जाए। 
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किसान आंदोलन - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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आमरण अनशन (मरणव्रत) शुरू करने से पहले किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। बुधवार शाम करीब चार बजे  डीआईजी पटियाला रेंज मनदीप सिंह सिद्धू, एसएसपी पटियाला डॉ. नानक सिंह किसानों से बात करने के लिए खनौरी बॉर्डर पहुंचे। करीब एक घंटा चली यह बैठक बेनतीजा रही। 

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इस दौरान किसानों ने साफ कर दिया कि जब तक उनके नेता डल्लेवाल को पुलिस प्रशासन खनौरी मोर्चे पर लेकर नहीं पहुंचेगी, तब तक बातचीत नहीं की जाएगी। जवाब में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि
उच्चाधिकारियों व सरकार तक किसानों की इस मांग को पहुंचाया जाएगा। इसके बाद जो भी जवाब आएगा, उस बारे में बता दिया जाएगा। इस मौके किसानों ने साफ कर दिया कि अगर जल्द ही डल्लेवाल  को नहीं छोड़ा गया, तो जल्द ही बैठक करके कड़े संघर्ष का एलान किया जाएगा। 
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उधर, बुधवार को पूरा दिन शंभू बॉर्डर पर तो माहौल शांतिपूर्ण बना। शंभू बॉर्डर पर बनाई गई दीवार को हथौड़े के साथ आगे तोड़ने की कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि मंगलावर व इससे पहले सोमवार रात को काफी देर तक दीवार पर हथौड़े मारे जाते रहे। हालांकि कुछ गिनती में किसानों की आमद शंभू बॉर्डर पर बुधवार को भी जारी रही। 

खनौरी बॉर्डर पर किसानों की बढ़ी संख्या
दूसरी तरफ खनौरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा हो गए हैं। इनमें काफी गिनती में नौजवान व महिलाएं भी शामिल हैं। एसजीपीसी की तरफ से बॉर्डरों पर लंगर भेजे जा रहे हैं। डल्लेवाल की जगह पर आमरण अनशन पर बैठे सुखजीत सिंह हरदोझंडा ने किसानों को इसी तरह से जोश हाई रखने की अपील की।

डल्लेवाल से किसी को मिलने नहीं दिया गया
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि डल्लेवाल को डीएमसी लुधियाना में बंधक बना कर रखा गया है। किसी को भी उनके साथ मिलने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि सांसद सरबजीत सिंह खालसा को डल्लेवाल से मिलने की इजाजत नहीं दी गई। जत्थेबंदियों को कुछ पता नहीं है कि वरिष्ठ व बुजुर्ग किसान नेता डल्लेवाल की मौजूदा हालत कैसी है। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जिसके लिए पंजाब की मान सरकार की जितनी निंदा की जाए कम है। 
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मान सरकार ने केंद्र के साथ किया सौदा
पंधेर ने कहा कि किसानों का आंदोलन मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ था, लेकिन इसमें पंजाब सरकार ने एंट्री करके साफ कर दिया है कि दोनों मिली हुई हैं। पंधेर ने आरोप लगाया कि लगता है कि मान सरकार ने केंद्र के साथ कोई सौदा किया है, इसलिए पंजाब सरकार की ओर से किसानों को निशाने पर लिया जा रहा है।
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