खनौरी बॉर्डर पर किसानों की बढ़ी संख्या
दूसरी तरफ खनौरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा हो गए हैं। इनमें काफी गिनती में नौजवान व महिलाएं भी शामिल हैं। एसजीपीसी की तरफ से बॉर्डरों पर लंगर भेजे जा रहे हैं। डल्लेवाल की जगह पर आमरण अनशन पर बैठे सुखजीत सिंह हरदोझंडा ने किसानों को इसी तरह से जोश हाई रखने की अपील की।
डल्लेवाल से किसी को मिलने नहीं दिया गया
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि डल्लेवाल को डीएमसी लुधियाना में बंधक बना कर रखा गया है। किसी को भी उनके साथ मिलने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि सांसद सरबजीत सिंह खालसा को डल्लेवाल से मिलने की इजाजत नहीं दी गई। जत्थेबंदियों को कुछ पता नहीं है कि वरिष्ठ व बुजुर्ग किसान नेता डल्लेवाल की मौजूदा हालत कैसी है। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जिसके लिए पंजाब की मान सरकार की जितनी निंदा की जाए कम है।
मान सरकार ने केंद्र के साथ किया सौदा
पंधेर ने कहा कि किसानों का आंदोलन मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ था, लेकिन इसमें पंजाब सरकार ने एंट्री करके साफ कर दिया है कि दोनों मिली हुई हैं। पंधेर ने आरोप लगाया कि लगता है कि मान सरकार ने केंद्र के साथ कोई सौदा किया है, इसलिए पंजाब सरकार की ओर से किसानों को निशाने पर लिया जा रहा है।