अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बुधवार को किसानों ने डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया। प्रधानमंत्री के नाम और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नाम पर डिप्टी कमिश्नर के प्रतिनिधि अधिकारी को मांग पत्र सौंपा गया। इसमें बाढ़ से हुई तबाही की सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की गई।
किसानों ने बाढ़ प्रभावित आम जनता और किसानों को उचित मुआवजा देकर तुरंत राहत प्रदान करने, नष्ट हुई फसलों के लिए 70 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने के साथ-साथ मजदूरों के लिए 10 प्रतिशत मुआवजा देने की मांगें उठाईं। किसान नेताओं ने कहा कि एक सार्थक मुआवजा नीति तैयार की जाए। मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, ढह गए घर के लिए 10 लाख रुपये, एक भैंस या गाय के लिए 1 लाख रुपये, छोटे मवेशियों के लिए 20,000 रुपये, मजदूर परिवार को एकमुश्त 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। धरने में संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय नेता रमिंदर सिंह पटियाला, प्रदेश नेता धर्मपाल सील, बूटा सिंह शादीपुर, गुलजार सिंह, हरभजन सिंह बुट्टर, अमरजीत सिंह, पवन शोगलपुर, राजिंदर सिंह, जगमेल सिंह सुधेवाल, जसविंदर सिंह बरास, चरणजीत कौर झुंगियां, जसबीर सिंह खेड़ी, राजिंदर सिंह व जगपाल सिंह भी मौजूद रहे।