गांव घराचों में धरने के दौरान कर्ज में डूबे किसान दर्शन सिंह सारों की खुदकुशी करने और किसान संगठनों के संघर्ष के आगे सरकार तथा प्रशासन ने घुटने टेकते हुए किसान दर्शन सिंह के परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा और उसके सिर चढ़े कर्ज पर लकीर मारने का वादा किया।
इसके साथ ही मृतक के पोते तरनजीत सिंह को सुविधा सेंटर में सरकारी नौकरी देने का वादा भी किया है।
गत दिवस किसान दर्शन सिंह की हुई मौत के उपरांत जिला प्रशासन और जिला पुलिस उस समय असमंजस वाली स्थिति में फंस गई थी जब पुलिस की उपस्थिति में किसान ने आत्महत्या कर ली।
बुधवार सुबह से ही जिला कांप्लेक्स में एसपी की अगुवाई में भारी तादाद में पुलिस तैनात थी। हालात को गंभीर होते देख डीसी अर्शदीप सिंह थिंद ने किसान नेताओं की पांच सदस्यीय कमेटी जिसमें भाकियू उग्राहां के जिला उपाध्यक्ष अमरीक सिंह गंढूआं, महासचिव जनक सिंह भुटाल, जसिंवदर सिंह, हरपाल सिंह पेधनी और दिलबाग सिंह हरिगढ़ के साथ बैठक करके किसान संगठनों की मांगें स्वीकार करने का भरोसा दिया। डिप्टी कमिश्नर अर्शदीप सिंह थिंद ने बताया कि मृतक के परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और परिवार के एक सदस्य को सुविधा केंद्र में नौकरी दी जाएगी।