पंजाब व हरियाणा की सीमा पर मांगों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन 2.0 को एक साल पूरा हो गया है। इस सिलसिले में बुधवार को खनौरी बॉर्डर पर किसान महापंचायत की जा रही है। आमरण अनशन कर रहे किसान नेता महापंचायत को संबोधित करेंगे।
खनौरी और शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन 2.0 का एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य पर खनौरी बॉर्डर पर बुधवार को बड़ी किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बड़ी गिनती में किसानों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। खास बात यह रहेगी कि इस मौके पर किसान नेता जगजीत सिंह देशवासियों के नाम महत्वपूर्ण संदेश देंगे। वहीं मंगलवार को डल्लेवाल के आमरण अनशन को 78वें दिन पूरे हो गए हैं। मेडिकल सहायता दोबारा शुरू होने से अब डल्लेवाल की सेहत में सुधार है।
विज्ञापन
उधर शंभू बॉर्डर पर वीरवार (13 फरवरी) को महापंचायत की जाएगी, जिसमें हिस्सा लेने के लिए किसानों की आमद का सिलसिला शुरू भी हो गया है। दोनों मोर्चों के तय कार्यक्रम के मुताबिक मंगलवार को हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर स्थित रत्नपुरा मोर्चे पर किसान महापंचायत हुई। इसमें भारी गिनती में किसानों ने भाग लिया।
बुधवार की किसान महापंचायत के लिए खनौरी बॉर्डर पर किसान नेताओं की बैठक हुई। इसमें लंगर, पानी, पार्किंग की व्यवस्था के साथ-साथ मंच संचालन आदि की तैयारियों का जायजा लिया गया। शंभू बॉर्डर पर भी महापंचायत की तैयारियों को लेकर बैठक की गई।
विज्ञापन
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि शंभू बॉर्डर पर बुधवार को गुरु रविदास का प्रकाश दिवस भी मनाया जाएगा। एक साल से किसानों ने चिलचिलाती धूप, बारिश एवं कड़कड़ाती ठंड का सामना किया। बावजूद आज भी किसानों के हौसले बुलंद हैं। सरकार अब भी हमारे धैर्य की परीक्षा ले रही है। किसानों की लड़ाई किसी पार्टी विशेष से नहीं बल्कि सरकारों की कॉरपोरेट हितैषी नीतियों के खिलाफ है। जब राजनीतिक पार्टियां विपक्ष में होती हैं तो उनकी बोली कुछ ओर होती है और सत्ता में आने के बाद अपनी बात से ही 180 डिग्री का यू-टर्न मार लेते हैं।