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किसान आंदोलन: डल्लेवाल को लेकर क्या बोली पुलिस?, किसानों ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम, आमरण अनशन पर सुखजीत सिंह

Tue, 26 Nov 2024 10:15 PM IST
अंकेश ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, पटियाला

सार

किसान नेता डल्लेवाल की पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद माहौल गरमा गया है। पुलिस ने सोमवार देर रात डल्लेवाल को खनौरी बॉर्डर से हिरासत में लिया। मंगलवार से डल्लेवाल आमरण अनशन शुरू करने वाले थे। 
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खनौरी बॉर्डर पर धरने में पहुंची महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को आमरण अनशन शुरू करने से पहले ही सोमवार रात करीब 2.45 बजे जब वो अपने टेंट में सो रहे थे, पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह देख वहां मौजूद किसानों ने खूब हंगामा किया लेकिन भारी संख्या में पहुंची पुलिस डल्लेवाल को किसी अनजान जगह ले गई। बाद में पुलिस ने बताया कि उन्हें चेकअप के लिए डीएमसी लुधियाना में भर्ती करवाया गया है। इससे भड़की किसान जत्थेबंदियों ने केंद्र सरकार को मांगों को पूरा करने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया। 

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किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि अगर सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो किसान छह दिसंबर को जत्थों के रूप में शंभू बॉर्डर के लिए कूच करेंगे। वहीं किसान नेताओं ने अपने वादे अनुसार मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। डल्लेवाल की जगह अब किसान नेता सुखजीत सिंह हरदोझंडा आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष खनौरी बॉर्डर पर पहुंच गए और सरकार के खिलाफ मार्च भी निकाला।

किसानों का ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ बॉर्डर पर आना लगातार जारी है। किसान नेता सरवन पंधेर ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि पुलिस फाइबर के दरवाजे को तोड़कर उस शैड में घुसी जहां डल्लेवाल सो रहे थे। उन्हें वहीं से हिरासत में ले लिया गया। पगड़ी, जूते और गरम कपड़े तक नहीं पहनने दिए गए। वरिष्ठ व उम्रदराज किसान नेता के साथ ऐसा दुव्यर्वहार गलत है। उन्होंने कहा कि सरकारें आंदोलन को खत्म करना चाहती हैं, लेकिन यह साजिशें कामयाब नहीं होने दी जाएंगी। उन्होंने डल्लेवाल को जल्द रिहा करने की मांग की।
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वहीं पटियाला रेंज के डीआईजी मनदीप सिंह सिद्धू का कहना है कि डल्लेवाल की सेहत व उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन उनके आमरण अनशन के कार्यक्रम को लेकर चिंतित था। इसलिए फैसला लिया गया कि उनकी मेडिकल जांच कराई जाए। इसी वजह से उन्हें लुधियाना डीएमसी लेकर आए हैं। पुलिस ने डीएमसी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के अलावा किसी को भी भीतर जाने की इजाजत नहीं है। अस्पताल में भर्ती डल्लेवाल ने खाना-पीना सब छोड़ दिया। सूत्रों के अनुसार पुलिस और डाॅक्टरों की मिन्नतें करने पर उन्होंने पानी पिया। उनके किस चीज के टेस्ट करवाए गए हैं, अभी तक इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

खन्नौरी बॉर्डर के रास्ते ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से करेंगे ब्लॉक : पंधेर
पुलिस की कार्रवाई से गुस्साए किसान नेता पंधेर ने कहा कि खन्नौरी बॉर्डर को पहुंचने वाले सभी रास्तों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर ब्लॉक कर दिया जाएगा। दिन-रात पहरे दिए जाएंगे। यह किसानी आंदोलन 2.0 की दूसरी पारी है, जिसे पूरी तरह से सफल बनाने के लिए जान तक लगा दी जाएगी। अभी किसानों के प्रबंध पूरे नहीं थे इसलिए डल्लेवाल को उठाकर ले गए। अब ऐसा नहीं होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र की तरफ से मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने साफ कर दिया है कि इस मामले में उनका हाथ नहीं है। अब पंजाब के सीएम भगवंत मान अपना पक्ष साफ करें।

शंभू बॉर्डर का चार फुट का एरिया खोलने की चर्चा
पटियाला। शंभू बॉर्डर का चार फुट का एरिया खोलने की चर्चा है। पंजाब व हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में सहमति बनी है कि छह दिसंबर को किसानों को बिना ट्रैक्टर-ट्रालियों के आगे जाने का रास्ता दिया जाएगा। हालांकि किसी भी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं पंधेर ने कहा कि मंगलवार को शंभू बॉर्डर पर हरियाणा की तरफ से हथौड़े चलने की काफी देर तक आवाजें आती रहीं। यह बाॅर्डर खोलने का काम चल रहा था या इसे मजबूत किया जा रहा था, अभी जानकारी नहीं है। इतना जरूर है कि छह दिसंबर के किसानों के दिल्ली कूच के कार्यक्रम को लेकर बा़र्डर पर पुलिस बल बढ़ाया जा रहा है।

डल्लेवाल की हिरासत में केंद्र शामिल नहीं : बिट्टू
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि किसान नेता डल्लेवाल को हिरासत में लेने में केंद्र सरकार या उसकी कोई एजेंसी शामिल नहीं है। यह पूरी तरह से राज्य पुलिस का काम है, जिसका उद्देश्य वास्तविक मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों पर दोष मढ़ना है। केंद्र सरकार हमेशा किसानों के कल्याण के लिए काम करती है और इस तरह की चाल नहीं चलती।
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किसानों ने वादा पूरा किया, बोले-आमरण अनशन जारी रहेगा
डल्लेवाल को मंगलवार से आमरण अनशन पर बैठना था। उन्होंने कहा था कि मांगें पूरी होने तक यह जारी रहेगा। अगर वो शहीद हो जाते हैं तो दूसरे किसान नेता इसे आगे बढ़ाएंगे। उनको हिरासत में लेने के बाद किसानों ने अपना वादा पूरा करते हुए दूसरे किसान नेता सुखजीत सिंह हरदोझंडा आमरण अनशन पर बैठ गए।
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