पटियाला। सीएम सिटी के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में कोविड मरीजों की मौत पर उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को एक बार फिर से कटघरे में खड़ा करते इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। रोते-बिलखते लोगों ने आरोप लगाया कि 15-20 मिनट पहले उन्होंने अपने मरीज से बात की थी। डाक्टर ने भी मरीज की हालत में पहले से काफी सुधार आने की बात कही थी। ऐसे में एकदम से कुछ मिनटों बाद कैसे मौत हो गई। इस मौके पर मरने वाले कोविड मरीजों के तीमारदारों ने डाक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। साथ ही आरोप लगाया कि मरीजों को समय पर खाना-पीना नहीं मिलता है। उधर, अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. एचएस रेखी ने इन आरोपों का खंडन करते कहा कि कोरोना महामारी ही ऐसी है, कुछ ही मिनट में क्या हो जाए, कह नहीं सकते हैं।
खमानो से आए अजीत सिंह ने बताया कि दो मई को उसकी बुआ को कोविड वार्ड में दाखिल कराया था। सुबह बुआ से फोन पर बात हुई। बुआ हंसते हुए बात कर रही थी। उसने पीने को जूस मांगा और कुछ समय बाद डाक्टरों ने कह दिया कि बुआ की मौत हो गई है। सारी औपचारिकताएं पूरी होने बाद बॉडी ले जाएं।
वहीं एक व्यक्ति ने बताया कि कि उनके परिवार की महिला सुमन देवी बारे सुबह डाक्टरों ने कहा था कि हालत में 80 फीसदी सुधार है, इसलिए जल्द ही छुट्टी कर देंगे। लेकिन 20 मिनट बाद संदेश भेज दिया कि मौत हो गई है। उन्होंने कोविड वार्ड में मरीजों के इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीजों को समय पर खाना-पीना नहीं मिल रहा है। रिश्तेदार जो खाना-पीना भेजते हैं, वह भी मरीज तक पहुंचने में घंटों लग जाते हैं।