पटियाला में कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा की कोठी के आगे रोष प्रदर्शन करतीं मिड डे मील कुक वर्कर।
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मांगों को लेकर पंजाब सरकार के अड़ियल रवैये से गुस्साई मिड डे मील कुक वर्करों ने उच्च शिक्षा मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा की कोठी के आगे रोष प्रदर्शन किया। कुक वर्करों ने जब सड़क पर जाम लगाने की कोशिश की तो पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की और मुख्य सड़क पर जाम लगाने से रोके रखा। शिक्षा मंत्री के साथ 18 मई को मीटिंग का समय मिलने के बाद ही मामला शांत हो पाया और रोष प्रदर्शन खत्म किया गया।
इस मौके पर मिड डे मील कुक महिला वर्करों ने कहा कि मार्च में काम करने के बावजूद तनख्वाह नहीं दी जा रही है। सरकार का कहना है कि यह स्कीम साल में 10 महीने की है। इसके लिए वह तनख्वाहें नहीं दे सकती। कहा कि सरकार उनसे पूरा समय काम करवाकर दिहाड़ी के 33 रुपये देती है। इतनी कम तनख्वाहों में उनसे गुलामों की तरह काम लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि उनकी सेवाओं को मिनीमम वेज कानून के अधीन लाया जाए।
मिड डे मील कुक वर्कर फ्रंट की लीडर हरजिंदर कौर लोपे, मनदीप कौर ने कहा कि मिड डे मील वर्करों को कोई महंगाई भत्ता नहीं दिया जाता है। कोई बीमा नहीं और मिनीमम वेज का कानून भी लागू नहीं किया जा रहा है। पंजाब को छोड़कर बाकी राज्यों में वर्करों को तनख्वाह ज्यादा मिल रही है। साथ ही वर्करों की साल में दो महीने छुट्टियों की तनख्वाह काटनी बंद की जाए। वर्करों का कम से कम दो लाख का बीमा विभाग की ओर से कराया जाए। 25 बच्चों पर एक कुक रखने का प्रबंध किया जाए।