बिक्रम मजीठिया के खिलाफ दिसंबर 2021 में पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें धारा 25, 27-ए और 29 लगाई गई थीं। पुलिस ने 2018 की एसटीएफ रिपोर्ट को एफआईआर का आधार बताया था।
करीब छह हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और बर्खास्त डीएसपी जगदीश सिंह भोला आज विशेष जांच टीम के सामने पेश होंगे।
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जगदीश सिंह भोला का नाम ड्रग्स मामले से पहले से जुड़ा है। मजीठिया के खिलाफ दिसंबर 2021 में पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें धारा 25, 27-ए और 29 लगाई गई थीं। पुलिस ने 2018 की एसटीएफ रिपोर्ट को एफआईआर का आधार बताया था। एफआईआर में 2004 से 2014 के बीच की गतिविधियों का उल्लेख था। पंजाब सरकार ने अदालत में कहा था कि बयानों और अन्य सामग्री के आधार पर मजीठिया की भूमिका की जांच हो रही है। मजीठिया को अगस्त 2022 में इस मामले में जमानत मिली थी।