संगरूर में सुखबीर बादल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जाती पुलिस।
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शहर के नए बस स्टैंड का उद्घाटन कड़ी सुरक्षा और विरोध के बीच हुआ क्योंकि संघर्ष कर रही कई जत्थेबंदियों ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल का संगरूर आने पर घेराव करने का एलान किया था। इसके चलते पुलिस प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की हुई थी। इस दौरान विरोध करने निकले कांग्रेसियों और आंगनबाड़ी वर्करों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
डीसी दफ्तर के सामने पिछले एक सप्ताह से मांगों को लेकर धरना लगाए बैठे किसान मजदूरों ने एलान किया था कि वह डिप्टी सीएम का काले झंडे लेकर घेराव करेंगे जिसके चलते पुलिस ने धरनाकारियों के चारों तरफ बैरीकेड के घेरों में बंद कर दिया और चारों तरफ पुलिस मुलाजिम तैनात कर दिए।
दूसरी तरफ, बस स्टैंड के चारों तरफ भी कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए हुए थे।
डिप्टी सीएम के आने का इंतजार हो रहा था तभी अचानक भागती हुई आंगनबाड़ी वर्कर पहुंच गई जो नारेबाजी कर रही थी। इसे देख पुलिस मुलाजिमों के होश उड़ गए और बड़ी संख्या में पुलिस मुलाजिम उन्हें रोकने के लिए पहुंच गए। इसके बाद आंगनबाड़ी वर्करों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसी तरह पंजाब यूथ कांग्रेस की महासचिव पूनम कांगड़ा अपने समर्थकों के साथ काली झंडियां लेकर समागम स्थल की तरफ रवाना हुई किंतु पुलिस ने उन्हें पहले ही रास्ते में रोक लिया और हिरासत में लेकर थाना सिटी में बंद कर दिया।
उधर, भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा विधायक के इशारे पर पुलिस ने भाजपा नेताओं को बस स्टैंड के उद्घाटन समारोह में जाने से रोका। पंजाब एसएस बोर्ड के सदस्य जतिंदर कालड़ा, भाजपा के जिलाध्यक्ष कैप्टन राम सिंह ने कहा कि वह अपने समर्थकों के साथ उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए गए थे किंतु पुलिस ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया।