जिले के गांव कालबंजारा के एक खेत मजदूर ने आर्थिक तंगी की वजह से घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक की छह बेटियां हैं और दो बेटियों की शादी उसने कर्ज लेकर की थी।
मृतक किसान की पत्नी रानी कौर ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसका पति भोला सिंह (45) पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी के चलते परेशान रहता था। उसने बताया कि उनकी छह बेटियां हैं।
बड़ी बेटी की शादी करीब डेढ़ साल पहले की थी और उस समय उन्होंने कर्ज उठाया था। दूसरी बेटी की शादी इसी महीने 21 फरवरी को की थी।
कर्ज बढ़ने की वजह से भोला सिंह काफी परेशान था और इसी वजह से उसने अपने घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
थाना प्रभारी गुरभजन सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी रानी कौर के बयानों के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल मूनक भेज दिया गया है।
पंजाब किसान जत्थेबंदी के नेता बलवीर सिंह जलूर, आम आदमी पार्टी के वालंटियर गुरमेल सिंह, मदन बखौरा ने कहा कि प्रदेश सरकार खेत मजदूरों को नरमे के नुकसान का घोषित 64 करोड़ रुपये जारी कर देती तो शायद भोला सिंह को अपनी जान से हाथ नहीं धोने पड़ते।
आर्थिक नुकसान के कारण खेत मजदूर और किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं जिसके लिए सीधे तौर पर प्रदेश की अकाली भाजपा जिम्मेवार है।
उन्होंने मांग की कि सरकार मजदूर परिवारों के लिए घोषित राशि तुरंत जारी करे। इसके साथ ही भोला सिंह के परिवार को पांच लाख रुपये की राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।