पटियाला के डीएवी पब्लिक स्कूल में सद्भावना दिवस के कार्यक्रम में भाग लेती छात्राएं।
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स्थानीय डीएवी पब्लिक स्कूल में सांप्रदायिक सद्भावना और संविधान दिवस मनाया गया। इस मौके पर क्लास नौंवी की छात्रा नंदिनी ने इन दिवसों के महत्व के बारे में बताया। इसके बाद नौंवी के स्टूडेंट्स ने अपनी मधुर आवाज में आए हैं हम दूर से पेश किया, जिसने सभी के बीच देश के प्रति प्रेम करने का संदेश दिया।
विभिन्न राज्यों राजस्थान, हरियाणा, बंगाल, पंजाब के लोक संगीत पर आधारित कोरियोग्राफी ने सभी का मन मोहा। प्रिंसिपल एसआर प्रभाकर ने सभी स्टूडेंट्स की हौसला अफजाई की। प्रोफेसर एससी शर्मा ने कहा कि देश में सांप्रदायिकता व शांति बनाए रखने के लिए नौजवानों की अहम भूमिका है।
उधर खालसा कालेज के पोस्ट ग्रेजुएट राजनीति विज्ञान विभाग और एनएसएस विंग की ओर से संविधान दिवस मनाया गया। प्रिंसिपल डा. धरमिंदर सिंह ऊभा ने कहा कि ऐसे दिवस मनाने का मकसद देश की नौजवान पीढ़ी को देश की संविधानिक संस्थाओं और आदर्शों के प्रति जागरूक करना है।
देश के लोकतंत्र ढांचे की सफलता के लिए यह जरूरी है कि हम अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों प्रति भी जागरूक हों। इस मौके पर कालेज के शिक्षकों और स्टूडेंट्स की ओर से देश की एकता व अखंडता को कायम रखने के लिए संकल्प लिया।
महिंदरा कालेज में रेड रिबन क्लब और एनएसएस वालंटियरों में संविधान दिवस मनाया। इस मौके पर कालेज में आयोजित एक समागम की प्रधानगी करते हुए महिला कालेज आफ ला के पूर्व प्रिंसिपल डा. रणजीत सिंह टिवाना ने संविधान की प्रस्तावना पर प्रकाश डाला।