पटियाला में पूर्व आईजी अमर सिंह चहल ने 21 दिसंबर को अपने घर पर खुद को अपने गनमैन की राइफल से गोली मार ली थी। यह गोली उनकी छाती में लगी थी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में नजदीक के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया था।
पंजाब के पूर्व आईजी अमर सिंह चहल के साथ हुए 8.10 करोड़ रुपये के साइबर ठगी मामले में पटियाला पुलिस ने मुंबई से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ वहां की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लिया गया है और उन्हें जल्द पटियाला लाया जाएगा।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस साइबर ठगी नेटवर्क को दुबई में बैठे किंगपिन ने संचालित किया। पकड़े गए आरोपियों के पास से लगभग 500 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। जांच में अब तक 50 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है, जिनमें 3.50 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। यह राशि पूर्व आईजी अमर सिंह चहल की ओर से या अन्य निवेशकों की तरफ से ट्रांसफर की गई थी, इसका सत्यापन जांच में किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में और खुलासे होने की उम्मीद है। साथ ही दुबई स्थित किंगपिन की पहचान और उसके अन्य सहयोगियों के बारे में भी जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई और पूछताछ से बड़ी खुलासे होने की संभावना है।
पूर्व आईजी अब स्वस्थ
पटियाला में पूर्व आईजी अमर सिंह चहल की हालत में तेजी के साथ सुधार हो रहा है। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो जारी करके जल्द स्वस्थ होकर अस्पताल से बाहर आने की बात भी कही है।
पीएम और गृहमंत्री के नाम लिखा था नोट
पूर्व आईजी के साथ 8.10 करोड़ की साइबर ठगी हुई थी। वह वाट्सएप ग्रुप एफ 777 वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप से जुड़़े थे जिस पर पूर्व आईजी समेत अन्य निवेशकों को उनकी तरफ से निवेश की गई राशि पर बड़ा मुनाफा देने का लालच दिया गया था। इसी लालच में पूर्व आईजी भी फंस गए और अपने 8.10 करोड़ रुपये गंवा बैठे। इसमें से 7.5 करोड़ की राशि पूर्व आईजी ने अपने रिश्तेदारों व दोस्तों से उधार ली थी। पूर्व आईजी ने खुद को गोली मारने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत पंजाब के डीजीपी के नाम ए नोट भी लिखा था।