डीजीपी हरदीप सिंह ढिल्लों पुलिस लाइन महादियां में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के डीजीपी (लॉ एंड आर्डर) हरदीप सिंह ढिल्लों ने फतेहगढ़ साहिब के पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों से बैठक की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम को रोकने के लिए साइबर क्राइम विंग बनाया गया। इसमें आईजी स्तर के अधिकारी को इंचार्ज बनाया गया है। साथ ही सूबे में गुंडागर्दी को रोकने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इससे पहले हर जिले में सीआईए स्टाफ और थानों के एसएचओ कार्रवाई करते थे लेकिन उनके सीमित अधिकार क्षेत्र होने पर गैंगस्टरों से निपटने के लिए सारी कार्रवाई एक ही छत के नीचे टास्क फोर्स करेगी। इस टास्क फोर्स ने हाल ही में कपूरथला के एक बड़े अंतरराज्यीय गैंग को काबू किया है।
डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए सरकार सूबे में आठ हजार नई भर्तियां करने जा रही है। जवानों को आधुनिक हथियार, बुलेट प्रूफ वाहन और जैकेट, कम्यूनिकेशन सिस्टम और अन्य उपकरण मुहैया करवाने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से 40 करोड़ से अधिक राशि खर्च की जा रही है। मीटिंग में आईजी पटियाला रेंज परमराज सिंह उमरानंगल, एसएसपी हरचरन सिंह भुल्लर, डीएसपी (डी) करनशेर सिंह, गुरदीप सिंह गोसल और गुरदेव सिंह धालीवाल उपस्थित थे। डीजीपी ने कहा कि नशा हमारे लिए जंग हैं, जिन्हें रोकने के लिए 16 हजार एनडीपीएस के पर्च दर्ज कर आरोपियों की जमीनें अटैच कीं गई हैं और बार्डर से आठ क्विंटल हेरोइन बरामद की गई है। कोई भी नशा पंजाब में नहीं बनता।