मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि प्रदेश नशों के खिलाफ युद्ध की वजह से संताप भोग रहा है। जबकि हकीकत यह है कि पंजाब में एक भी ग्राम नशा पैदा नहीं होता।
धूरी विधानसभा क्षेत्र में संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम ने कहा कि अफीम, हेरोइन जैसे अन्य नशे पंजाब में सीमापार से आते हैं, जबकि भुक्की और गांजा जैसे नशे हिमाचल और राजस्थान से यहां पहुंचते हैं।
देश के लिए नशे के खिलाफ सबसे आगे होकर लड़ने वाले पंजाब के बहादुर लोगों पर कुछ लोग नशेड़ी होने का धब्बा लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा एजेंसियां नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा और उनकी जायदाद तक कुर्क की हैं।
इसी कारण पंजाब में आने वाले नशे पर काफी हद तक रोक लगी है। प्रदेश सरकार ने अलग-अलग जिलों में नशा मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्र स्थापित किए हैं।
अपने स्तर पर राज्य सरकार पंजाब में से नशे को समाप्त करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है किंतु अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी को बढ़ाने के साथ साथ विभिन्न राज्य सरकारों को नशे की सप्लाई पर रोक लगाने की सख्त जरूरत है।
सीएम बादल ने कहा कि वह राज्य की शांति और भाईचारक सांझ को बरकरार रखने के लिए वचनबद्ध हैं और वह कभी ऐसा फैसला नहीं लेंगे जिससे राज्य की अमन शांति पर कोई प्रभाव पड़े। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से सिख कैदियों की पंजाब वापसी से आतंकवाद का कोई भी खतरा खड़ा नहीं होगा।
देश भर में राज्य सरकारें एक राज्य से दूसरे राज्य में कैदियों की अदला बदली करती रहती हैं। उन्होंने कहा कि प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर जैसे बीमार व्यक्ति के पंजाब में तबादले से आतंकवाद कैसे पुन: सिर उठा सकता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री बादल ने गांव रंगीया, सुलतानपुर, अलाल, मूल्लोवाल, रणीके, हसनपुर, बुगरा, पेधनीकलां सहित अन्य गांवों में अपने धन्यवादी दौरे के दौरान हलके के लोगों को पूर्ण विकास करवाने का भरोसा दिया।
इस मौके पर वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, विधायक गोबिंद सिंह लोंगोवाल, केजेएस चीमा, एसजीपीसी सदस्य भुपिंदर सिंह भलवान, डीसी अर्शदीप सिंह थिंद, एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू मौजूद थे।