कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ और उनका बेटा।
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय सेना के कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ के साथ मारपीट मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम शुक्रवार को पटियाला पहुंची। चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर ज्ञान की अगुवाई वाली इस सात सदस्यों की टीम ने राजिंदरा अस्पताल के नजदीक ढाबा के बाहर 13 मार्च की देर रात कर्नल बाठ व उनके बेटे के साथ हुई मारपीट की घटना का सीन रिक्रिएट किया।
कर्नल बाठ की पत्नी जसविंदर कौर बाठ ने कहा कि वह एसआईटी की ओर से की जा रही जांच से संतुष्ट हैं। एसआईटी की ओर से मामले के हर पहलू की बारिकी से जांच की जा रही है। इसी के तहत आज ढाबे के बाहर वारदात का सीन रिक्रिएट किया गया है। इस मौके पर उन्होंने पंजाब सरकार से मामले के आरोपियों को भगोड़ा किए जाने और उनकी गिरफ्तारी जल्द करने की मांग की।
सुबह करीब साढ़े 11 बजे एसआईटी की टीम पटियाला पहुंची। इसके बाद टीम सीधे राजिंदरा अस्पताल के नजदीक ढाबे पर पहुंची। जहां 13 मार्च की देर रात पार्किंग को लेकर कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ व उनके बेटे का पटियाला पुलिस के साथ विवाद हो गया था। इस दौरान कर्नल व उनके बेटे के साथ पुलिस वालों ने मारपीट की थी। एसआईटी ने इस वारदात का सीन रिक्रिएशन किया। इस मौके पर कर्नल की पत्नी व उनका बेटा अंगद भी मौजूद रहे।
एसआईटी की टीम ने उनसे भी पूछताछ की। दोपहर डेढ़ बजे तक एसआईटी की जांच प्रक्रिया पूरी हुई। कर्नल की पत्नी जसविंदर कौर बाठ ने कहा कि वारदात को 90 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक आरोपी आजाद घूम रहे हैं। पंजाब पुलिस की ओर से आरोपियों को पकड़ने में सहयोग नहीं किया जा रहा है। इस ढाबे पर आकर वह काफी विचलित हो जाती हैं। साथ ही उन्होंने ढाबा मालिक के खिलाफ रोष जताते कहा कि उसने पहले उन्हें सारी वारदात के बारे में बताया था। लेकिन बाद में उसने पुलिस के हक में बयान दिया था।
गौरतलब है कि इससे पहले छह जून को भी एसआईटी जांच के लिए पटियाला आई थी, लेकिन उस समय वारदात वाली जगह पर सीन रिक्रिएशन की वीडियोग्राफी करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने की एसआईटी के पास अनुमति नहीं थी। इसके चलते एसआईटी की टीम को वापस लौटना पड़ा था।