गांव हरियाऊ खुर्द में वीरवार को पुलिस और किसानों के बीच में उस समय
भिड़ंत हो गई, जब पुलिस मुलाजिम अपने साथ पावरकॉम व प्रशासनिक अधिकारियों
को साथ लेकर खेती मोटरों से ट्रांसफार्मर उतार रहे थे।
आरोप है कि
किसानों ने पहले पुलिस मुलाजिमों पर ईंट व पत्थर मारे। जवाबी कार्रवाई करते
हुए पुलिस ने भी किसानों पर लाठियां बरसाईं। इस दौरान दोनों पक्षों से कई
लोग घायल हो गए। जिन्हें तुरंत पातड़ां के सिविल अस्पताल ले जाया गया। खबर
लिखे जाने तक पुलिस ने करीब 20 किसानों के खिलाफ पर्चा दर्ज करके उन्हें
गिरफ्तार कर लिया था।
भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) के जिला
प्रधान डा. दर्शन पाल ने बताया कि वीरवार को पुलिस मुलाजिम अपने साथ
प्रशासनिक अधिकारियों व पावरकॉम मुलाजिमों को साथ लेकर खेती मोटरों से
ट्रांसफार्मर उतार रहे थे। बंजर जमीनों को आबाद करके दशकों से इस पर खेती
कर रहे आबादकार किसानों ने इसका विरोध किया। उनके समर्थन में यूनियन के कुछ
नुमाइंदों भी मौके पर मौजूद थे।
आरोप है कि गुस्साए किसानों ने
विरोध में पुलिस मुलाजिमों पर ईंट व पत्थर बरसाए। जवाब में पुलिस ने
किसानों पर लाठियां बरसाईं। इस दौरान दोनों पक्षों से कई लोग घायल हो गए।
दो थानेदार व तीन हवालदार जख्मी हो गए, जबकि कई किसान भी पातड़ां सिविल
अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस ने खबर लिखे जाने तक 20 किसानों के खिलाफ
विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
उधर
भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा ने इस घटना की निंदा करते हुए इसके विरोध
में शुक्रवार से अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठने और लड़ीवार भूख हड़ताल
डीसी दफ्तर के सामने शुरू करने का ऐलान किया है।