थाना बाघापुराना अधीन गांव कोटला मेहर सिंह वाला में दो लड़कियों समेत पांच की हत्या करने के बाद खुदकुशी करने वाले ग्रंथी का भेद खुल गया है। वह यहां गलत नाम पर रह रहा था।
इसके अलावा वह एक बेटी और दो बेटों का पिता था। मृतक ग्रंथी की पहचान उसकी पत्नी ने की है।
जिला पुलिस प्रमुख जतिंदर सिंह खैहरा ने बताया कि गांव कोटला मेहर सिंह वाला में दो लड़कियां संदीप कौर और राजपाल कौर के अलावा अकाशदीप सिंह, धरमिंदर सिंह और सोनी की हत्या करने बाद खुदकुशी करने वाला ग्रंथी गलत नाम हरिंदर सिंह सोढी पर रहता था।
उन्होंने बताया कि उसकी पहचान रामदासीया सिख बिक्कर सिंह पुत्र दलीप सिंह गांव सेखा थाना मलोद जिला लुधियाना के तौर पर उसकी पत्नी मुखत्यार कौर ने गांव सेखा थाना मलोद जिला लुधियाना के सरपंच कमलदीप सिंह, नंबरदार गुरदास सिंह, पंच जगजीत सिंह की हाजिरी में की है।
वह गांव कोटला मेहर सिंह वाला हरिंदर सिंह सोढी उर्फ बाबा पाल के नाम से रह रहा था। जिला पुलिस प्रमुख के मुताबिक मुखत्यार कौर ने बताया कि उसका पति बिक्कर सिंह उसे तकरीबन 20 वर्ष पहले छोड़ कर चला गया था और फिर कभी भी घर नहीं गया।
उसकी बेटी और दो बेटों में से एक विवाहित है और दोनों बेटे टैक्सी चलाते हैं। अब वह अपने बेटों से जौहला रोड, रायकोट जिला लुधियाना में रहती है।
जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि इस घटना में मारी गई राजपाल कौर के भाई गुरप्रीत सिंह और मारी गई दूसरी लड़की संदीप कौर के भाई बलदेव सिंह ने पुलिस को दिए बयानों में कहा कि उन्हें उक्त ग्रंथी बाबा पाल ने हत्याओं के लिए इस्तेमाल किए गए तेजधार हथियार (कापा) दिखाते कहा था कि यह खंडा बाबा दीप सिंह का है और इससे ही सिर कलम किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह शख्स तकरीबन 12 वर्षों से इस गांव में गलत नाम पर रह रहा था। उन्होंने कहा कि उसे गांव में लाने और बसाने वाले लोगों से पूछताछ करने के अलावा यह जांच की जायेगी कि इस से पहले वह 7 वर्ष कहां रहा हा है।
पुलिस सूत्रों अनुसार खुदकुशी करने वाले ग्रंथी की बुरी करतूतों के बारे में गांव के लोगों को पता लग गया था और वह इस घटना से पहले तकरीबन 20 दिन गायब रहा था। गांव के लोगों को संक्रांति के मौके उससे हिसाब किताब पूछना था, जिस रात यह घटना हुई है उससे अगले दिन संक्रांति थी।
पुलिस मुताबिक उसने अपने पाप छिपाने के लिए दो लड़कियों समेत पांच की हत्या करने बाद खुद भी खुदकुशी कर ली लगती है।