पटियाला के राजपुरा में युवक की हत्या मामले में चौंकाने वाले खुलासा हुआ है। 22 साल के अविक्रमजीत सिंह की हत्या लव ट्रायंगल में हुई है। अविक्रमजीत की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि जिस युवती से वह बात करता था उसके दोस्त ने की है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपी ने नेटफ्लिक्स पर एक वेब सीरीज देखकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
घनौर पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी आरोपी विक्रमजीत सिंह समेत दो को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल किया गया सामान भी बरामद कर लिया है। दूसरा आरोपी विक्रमजीत सिंह का चाचा सतनाम सिंह है, जिसने हत्या के बाद अविक्रमजीत के शव को ठिकाने लगाया था।
डीएसपी हरमनप्रीत सिंह चीमा घनौर और आकाशदीप शर्मा मुख्य अधिकारी थाना घनौर ने बताया कि 30 दिसंबर 2025 को विचित्र सिंह निवासी घनौर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 22 वर्षीय बेटा अविक्रमजीत सिंह जो पटियाला में केमिस्ट का काम सीख रहा था, 26 दिसंबर से लापता है। पुलिस ने जांच शुरू की तो 3 जनवरी 2026 को अविक्रमजीत का शव गांव डीलवाल के पास एक मकान से बरामद हुआ।
नेटफ्लिक्स सीरीज देख कर बनाई हत्या की योजना
तफ्तीश के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी विक्रमजीत सिंह की एक लड़की के साथ दोस्ती थी लेकिन पिछले कुछ समय से वह लड़की अविक्रमजीत सिंह से भी बातचीत करने लगी थी। विक्रमजीत ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया। आरोपी ने नेटफ्लिक्स पर एक वेब सीरीज से प्रभावित होकर हत्या की साजिश रची। 26 दिसंबर को वह अविक्रमजीत को बातों में लगाकर अपनी बाइक पर बैठाकर पंचवटी कॉलोनी ले गया, जहां सिर पर बड़ी बेरहमी से ईंटें मारकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद बिहार भाग गया था आरोपी
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी विक्रमजीत पंजाब छोड़कर बिहार भाग गया था। पुलिस ने तकनीकी खुफिया जानकारी की मदद से विक्रमजीत सिंह को 9 जनवरी 2026 को पटना रेलवे स्टेशन (बिहार) से गिरफ्तार किया। चाचा सतनाम सिंह ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में मदद की उसे भी पुलिस ने दबोचा। पुलिस ने एक आईफोन-14, मृतक का चांदी का कड़ा, चेन और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। पुलिस ने मुकदमे में धारा में इजाफा कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।