पूर्व सरपंच दलजीत सिंह ने शनिवार को जहरीली दवा पीकर
खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट में उसने अकाली विधायक के हरि सिंह जीरा के बेटे
अवतार सिंह मिन्ना, अपनी पहली पत्नी और एक एसएसपी पर तंग करने का आरोप
लगाया है।
मौत से गुस्साए परिजनों ने दलजीत का शव जीटी रोड पर रखकर थाना
घल्लखुर्द के सामने जाम लगा दिया। उनका कहना था कि जब तक पुलिस अधिकारी
एफआईआर दर्ज नहीं करते, वह रोड से नहीं हटेंगे। देर शाम तक धरना जारी था।
गांव
फिरोजशाह निवासी पूर्व सरपंच दलजीत सिंह उर्फ भोला (50) ने सुसाइड नोट में
लिखा है कि 1985 में उसकी शादी हरमीत कौर वासी मलवाल कदीम से हुई थी। उससे
कोई औलाद नहीं हुई। पत्नी पांच-छह साल से मायके में रह रही थी।
रिश्तेदारों ने उसकी दूसरी शादी मनिंदर कौर से करा दी। दलजीत का आरोप है कि
अकाली विधायक जीरा के बेटे अवतार सिंह मिन्ना जो जिला अकाली दल ग्रामीण
प्रधान है, की उसकी पहली पत्नी के साथ गहरी दोस्ती थी। मिन्ना का सियासी
दबाव होने के कारण उसे तंग परेशान किया जाता था।
पंजाब के एक जिले में
तैनात एसएसपी रैंक का अधिकारी (मिन्ना का रिश्तेदार) भी उसे तंग करता था।
शुक्रवार को उसकी पहली पत्नी के मायके वालों ने उससे बुरी तरह मारपीट की
थी। एसपी (डी) और डीएसपी सतनाम सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
इसके बाद ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सुसाइड नोट में दलजीत सिंह ने अपनी सारी प्रॉपर्टी एक गुरुद्वारे को दान करने की बात कही है।
उधर, पूर्व
सरपंच दलजीत सिंह के परिजनों ने दलजीत सिंह का शव जीटी रोड पर रखकर थाना
घल्लखुर्द के सामने जाम लगा दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें
एफआईआर की कॉपी नहीं देते तब तक धरना जारी रहेगा। देर शाम तक धरना जारी था।