देश भगत यूनिवर्सिटी की पूर्व डायरेक्टर शालिनी गुप्ता
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देश भगत यूनिवर्सिटी की पूर्व डायरेक्टर शालिनी गुप्ता समेत उनके पति और भाई-भाभी के खिलाफ अमलोह पुलिस ने धोखाधड़ी, हेराफेरी, विश्वास तोड़ने और आपराधिक साजिश रचने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मामला देश भगत यूनिवर्सिटी सौंटी के एचआर सतीश कुमार के बयान पर दर्ज किया गया है। उन्होंने फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी के पास मामले को लेकर 30 जून को एक शिकायत दर्ज करवाई थी। पांच माह की जांच के बाद शालिनी गुप्ता, उनके पति अजय गुप्ता, भाई चेतन गुप्ता और भाभी निधि गुप्ता पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में शालिनी गुप्ता पर 2.71 करोड़ रुपये गबन करने का मामला सामने आया है।
शालिनी गुप्ता ने हाल ही में एक अन्य शिक्षण संस्थान में बतौर रजिस्ट्रार ज्वाइन किया है। एचआर प्रमुख सतीश कुमार ने बताया कि शालिनी गुप्ता पिछले साल बिना किसी को सूचित किए डायरेक्टर पद से गैर हाजिर हो गई थी। संस्थान ने उन्हें विभिन्न माध्यम से पांच चार्जशीट भेज कर जवाब देने को कहा लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
संस्थान द्वारा की गई जांच के बाद शालिनी गुप्ता ने चांसलर डॉ. जोरा सिंह के लेटर हेड पर फर्जी हस्ताक्षर कर नई भर्तियां कीं। खुद तैयार किए गए फर्जी लेटर हेड पर विभिन्न फर्मोें के नाम से सामान खरीदा। कोटेशन पास होने पर फर्जी बिल ज्यादा बनाकर संस्थान को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा फंड में घपलेबाजी, विश्वासघात, अहम पद पर रहते हुए लापरवाही बरतने, प्रबंधन में अक्षमता, पद और गरिमा और पवित्रता को ठेस पहुंचाया।
आरोप बेबुनियाद : गुप्ता
शालिनी गुप्ता ने कहा कि जिस तरह के आरोप मुझ पर लगे हैं वह बेबुनियाद हैं एवं निराधार हैं। मैं वहां की डायरेक्टर थी, मालिक नहीं। जो भी सामान खरीदना या कोई बड़ा वित्तीय फैसला लेना होता था तो उसको पहले डॉ. जोरा सिंह के पास भेजा जाता था और उनकी अनुमति के बिना कोई काम नहीं होता था। सभी बैंक चैक पर उनके साइन होते थे। इसमें मैं और मेरा परिवार कैसे दोषी बन गया। मैंने इसी घुटन के चलते डेढ़ साल पहले डायरेक्टर की नौकरी छोड़ दी थी। मैंने सीनियर पुलिस अधिकारियों को इंसाफ के लिए गुहार लगाई हुई है।