गांव भुटाल कलां में कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने जहरीली वस्तु निगलकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। किसान पर करीब आठ लाख रुपये का कर्ज था।
आत्महत्या करने वाले साठ वर्षीय किसान कृष्ण सिंह के परिजनों का कहना है कि उस पर करीब आठ लाख रुपये सोसाइटी और आढ़तियों का कर्ज था। इसके अलावा इस बार सफेद मक्खी के कारण उसकी नरमे की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था।
इससे कर्ज का बोझ कम होने की बजाए और बढ़ गया। इसी वजह से कृष्ण सिंह ने आर्थिक संकट के चलते अपने ही घर में कोई जहरीली वस्तु खाकर मौत को गले लगा लिया।
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेता धर्मेन्द्र पशौर ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य का प्रत्येक किसान कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है।
कर्ज के बोझ के सताए किसान खुदकुशी की राह पर चल रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को कम से कम आठ लाख रुपये सहायता राशि दी जाए और किसान का कर्ज माफ किया जाए।