पहले आंगनबाड़ी वर्कर थी आरोपी महिला
एएसआई ने बताया कि आरोपी महिला कुलदीप कौर पहले आंगनबाड़ी वर्कर थी। अब वह संगरूर के सिविल अस्पताल में अटेंडेंट है। वह अस्पताल में डिलीवरी के लिए आने वाली गरीब महिलाओं को पैसों का लालच देकर उनके नवजात शिशु ले लेती थी। बाद में अपने बाकी के दो साथियों के साथ मिलकर इन शिशुओं को लाखों रुपये में आगे बेच देती थी।
बच्ची को पालने में असमर्थ थी मां
पुलिस के मुताबिक मौके से बरामद बच्ची को भी आरोपी कुलदीप कौर उसके अस्पताल में डिलीवरी कराने आई बुढलाड़ा निवासी महिला से लाई थी। बच्ची की मां के पहले दो तलाक हो चुके हैं। तीसरे पति के साथ भी विवाद चल रहा है और अब बच्ची को पालने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। जिसके चलते महिला ने अपनी बच्ची को कुलदीप कौर को दे दिया। इस बच्ची को आरोपियों ने तीन लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था।
जरूरतमंद दंपती को दी जानी थी बच्ची
आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया है कि बच्ची किसी जरूरतमंद दंपती को दी जानी थी, जिनके बेटे की मौत हो गई थी। अब ज्यादा उम्र होने के चलते उनके संतान नहीं हो पा रही थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपियों के इस कबूलनामे की पूरी तरह से जांच की जाएगी। पता लगाया जा रहा है कि बच्ची को तीन लाख रुपये में लेने वाला यह दंपती कहां का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इससे पहले और कितने नवजात शिशुओं को जरूरतमंदों से खरीद कर आगे बेचा है इसका भी पता लगाया जा रहा है। आरोपियों का अदालत से तीन दिनों का रिमांड हासिल किया गया है।