सरकारी राजिंदरा अस्पताल के माडल नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल एक युवक ने शुक्रवार रात फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पुलिस के मुताबिक नहाने के बहाने युवक ने बाथरूम में जाकर आत्महत्या की है। युवक के परिजनों ने इसे केंद्र के स्टाफ की लापरवाही करार देते हुए अस्पताल मैनेजमेंट पर अंगुली उठाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मामले के जांच अधिकारी माडल टाउन पुलिस चौकी के एएसआई शिवपाल सिंह ने बताया कि 24 साल का लवदीप सिंह निवासी प्रेम नगर भादसों रोड को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए उसकी माता व चाचा ने 16 मई को सरकारी राजिंदरा अस्पताल के माडल नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल कराया था। शुक्रवार रात करीब आठ बजे लवदीप की मां उसे खाना खिला कर गई।
अभी घर पहुंचे कुछ देर ही हुई थी कि फोन आया कि लवदीप की मौत हो गई है। वहां पहुंच कर पता लगा कि लवदीप ने केंद्र के बाथरूम में लगे शॉवर से परने की मदद से लटक कर आत्महत्या कर ली है। युवक के परिजनों ने बताया कि केंद्र के स्टाफ मुताबिक खाना खाने के बाद लवदीप सिंह बाथरूम में नहाने बहाने गया। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं निकला, तो अंदर जाकर देखा, तो उसने फंदा लगा लिया था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि स्टूल पर चढ़कर लवदीप ने आत्महत्या की है। ऐसे में सवाल पैदा होता है कि जब लवदीप बाथरूम में बाहर से स्टूल लेकर गया, तो उसे कर्मचारियों या फिर किसी डाक्टर ने देखा कैसे नही। उसे रोका क्यों नहीं। इससे साफ होता है कि कर्मचारियों ने ड्यूटी में लापरवाही बरती है।
साथ ही जब परिजनों ने वहां के सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग मांगी, तो वह भी नहीं मिली। कैमरों में खराबी कारण कोई रिकार्डिंग ही नहीं हो सकी थी। पुलिस के मुताबिक आत्महत्या किए जाने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।