पटियाला। पंजाब सरकार की ओर से कोरोना टीकाकरण अभ्यास के लिए पटियाला के सरकारी माता कौशल्या अस्पताल में सुपरवाइजरों, एसएमओ, डाक्टरों और एएनएम पर आधारित जिले की 15 टीकाकरण टीमों की प्रारंभिक ट्रेनिंग कराई गई। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र विकास प्रोग्राम और विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों ने निर्धारित संचालन विधि, अभ्यास के लिए बनाए गए को-विन पोर्टल के टेस्ट लिंक के बारे में विस्तार में अवगत कराया।
डीसी कुमार अमित ने बताया कि रविवार को राजिंदरा अस्पताल, निजी क्षेत्र के सद्भावना अस्पताल और सीएचसी शुतराणा में टीकाकरण अभ्यास होगा। इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य कोरोना टीकाकरण के लिए तैयारियों की परख करना है, ताकि पहले रजिस्टर्ड लोगों के टीकाकरण के बाद सफलतापूर्वक अभियान को सफल बनाया जा सके। इलेक्ट्रानिक एप्लीकेशन को-विन के जरियेे पहले पड़ाव के तहत हेल्थ केयर वर्कर्स (निजी व सरकारी क्षेत्र के करीब 8716) को यह टीका लगाने के लिए तीन जनवरी को अभ्यास होगा। दूसरे पड़ाव तहत बच गए फ्रंटलाइन वर्कर्स, 50 साल से ज्यादा उम्र के, गंभीर बीमारी से पीड़ित व अन्य लोगों को यह टीका लगाया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यह वैक्सीन आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होगी, बल्कि यह टीका केवल उन लोगों को ही लगाया जाना है, जो पहले पोर्टल पर रजिस्टर्ड होंगे।
सिखलाई दौरान यूएनडीपी की प्रोजेक्ट अफसर (ऑपरेशन) मीनाक्षी देओल ने टीकाकरण दौरान लाभार्थी का नाम गुप्त बनाए रखने समेत टीकाकरण के समय छह फुट की दूरी बनाने, हाथों को सैनिटाइज करने व मास्क पहनना अनिवार्य बनाने को कहा। विश्व सेहत संगठन की तरफ से एसएमओ डा. गगन शर्मा ने बताया कि इस टीकाकरण के लिए लाभार्थी का रजिस्टर्ड होना जरूरी है। टीकाकरण बाद उसे आधे घंटे के लिए निगरानी में रखना भी जरूरी है। एडीसी विकास डॉ. प्रीति यादव ने हिदायत दी है कि सभी टीमें अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं, ताकि इस अभ्यास को सफलता से पूरा किया जा सके।