अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी के कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों ने शिक्षक दिवस पर काला दिवस मनाया। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह संघर्ष यूजीसी नियमों को लागू करने की मांग को लेकर 19वें दिन में प्रवेश कर गया है।
शिक्षकों ने काले कपड़े पहनकर, काले झंडे लेकर और काले बैज लगाकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन यूनिवर्सिटी कैंपस और सभी 13 कॉन्स्टिट्यूएंट कॉलेजों में हुआ। पंजाबी कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष तरनजीत कौर ने धरने को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक पिछले 20 वर्षों से मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संताप झेल रहे हैं। उन्होंने मामूली वेतन और असुरक्षित भविष्य का भी जिक्र किया। तरनजीत कौर ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन यूजीसी नियमों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक फैसले को तत्काल लागू करने की मांग की। एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता सुरिंदर सिंह ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने एलान किया कि यदि मंगलवार तक मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो संघर्ष तेज किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के सभी 13 कॉन्स्टिट्यूएंट कॉलेज, नेबरहुड कैंपस और रीजनल सेंटर पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और कैंपसों में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी प्रशासन की होगी। शिक्षकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी आवाज बुलंद की।