लोकसभा चुनाव में परनीत कौर को मिली हार के लिए कांग्रेसी कैप्टन अमरिंदर सिंह की कमी को बड़ा कारण मान रहे हैं। कांग्रेसियों की ओर से चुनाव प्रचार के लिए बनाई जा रही रूपरेखा मेें इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि इस उप चुनाव में कैप्टन चुनाव प्रचार के दौरान शहर में अपनी हाजिरी यकीनी बनाएं। कैप्टन भी इसी कोशिश में हैं कि चुनाव संपन्न होने तक वे पटियाला में ही रहें।
कांग्रेसी नेताओं के अनुसार लोकसभा चुनाव में कैप्टन अमृतसर में व्यस्त थे। इसके कारण पटियाला के कांग्रेसी नेताओं ने भी परनीत कौर के चुनाव प्रचार में उतनी दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके कारण जिन क्षेत्रों से परनीत कौर तीन लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करती आ रही थीं उनमें ही हार का सामना करना पड़ा है। अब पटियाला सीट मोती महल के लिये वर्चस्व की लड़ाई बन गई है। इसके कारण अब कैप्टन अमरिंदर सिंह भी किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते। लिहाजा वो चुनाव होने तक पटियाला में रहकर ही चुनाव प्रचार करेंगे।
कांग्रेसी नेताओं ने बताया कि लोकसभा चुनाव में विरोधियों की ओर से सबसे बड़ा मुद्दा यही उठाया गया है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह जीतने के बाद आम लोगों को नहीं मिलते हैं। इसलिए अब कैप्टन अमरिंदर सिंह इस आरोप को धोने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिये कांग्रेस पार्टी ने एक रूपरेखा बनाई है। इसके तहत अब शहर में चाय पे चर्चा कार्यक्रम रखे जाएंगे। इसमें कांग्रेस के कार्यकर्ता सीधे तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुखातिब हो सकेंगे वहीं अपनी समस्याएं भी रख सकेंगे।
कांग्रेस के महासचिव वरिंदर गांधी के मुताबिक शहर में ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब के लोग कैप्टन अमरिंदर सिंह से प्रभावित हैं। लोकसभा चुनाव में उनकी गैरहाजिरी का काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। इस बार कांग्रेसी कार्यकर्ता उन्हें चुनाव संपन्न होने तक यही रहने की बात कर रहे हैं। उनके चुनाव प्रचार में होने से कांग्रेस की जीत पक्की है।