पटियाला। आप के जिला इंचार्ज (देहाती) मेघ चंद शेरमाजरा व जिला इंचार्ज (शहरी) जसवीर सिंह गांधी ने बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी किसान आंदोलन को दबाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इसलिए आंदोलनकारी किसानों को धरना-प्रदर्शन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री देने के लिए शर्तें लगा दी गईं। आप और लोगों के विरोध के कारण आखिर इसे वापस लेना पड़ा। आप नेताओं ने बताया कि अब यह आंदोलन अकेले पंजाब के किसानों का नहीं है बल्कि समूह देश वासियों का आंदोलन बन चुका है।आप नेताओं ने बताया कि संगरूर के एसडीएम ने पैलेस, टेंट हाउस और डीजे (साउंड) के कारोबारियों-दुकानदारों से 2 दिसंबर को बैठक करके आदेश जारी किए थे कि जुलूस, रैलियां, धरने-प्रदर्शन को जिला प्रशासन की मंजूरी बिना कोई भी समान न दें। ऐसा नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई के लिए सामान देने वाला खुद जिम्मेदार होगा।