नई दाना मंडी में एसएसए /रमसा अध्यापकों की प्रदेश स्तरीय रैली का आयोजन रविवार को हुआ। रैली में अध्यापकों के पारिवारिक सदस्यों के अलावा दूसरी जत्थेबंदियों ने भी शिरकत की।
जत्थेबंदियों ने रेगुलर हो मुहिम के अंतर्गत मुख्यमंत्री को घेरने का ऐलान किया है। इस मौके ऑर्बिट कांड और फरीदकोट में विद्यार्थियों खिलाफ झूठा केस दर्ज करने और भगता भाई में डॉ. दलजीत सिंह की पगड़ी उतारने, अवैध बदली करने समेत स्कूलों में राजनीतिक दखल और पुलिस राजनीतिक गुंडा गठजोड़ खिलाफ प्रस्ताव पारित किए गए।
जत्थेबंदी के सूबा प्रधान दीदार सिंह मुद्दकी और सूबा सचिव हरजीत जीदा ने कहा कि प्रदेश सरकार संवैधानिक नियमों और कानूनों को मानने से पूरी तरह टालमटोल कर रही है।
उन्हाेंने सरकार की तरफ से जारी दस्तावेजों को दिखाते कहा कि यह गर्वनमेंट जहां शिक्षा अधिकार कानून जैसे मौलिक अधिकारों को ताक में रखकर धक्केशाही कर रही है।
इस मौके जत्थेबंदी की सूबा मीत्र प्रधान राजवीर रोपड़ और सूबा कमेटी मेंबर नवनीत कौर ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार एक तरफ तो बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, नन्ही छांव जैसी मुहिम चलाने का नाटक कर रही है, दूसरी तरफ एसएसए रमसा अध्यापिकाओं की तरफ से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दो बार छह महीने की प्रसूता छुट्टी संबंधित केस जीतने के बाद भी इसे लागू नहीं कर रही है।
जत्थेबंदी नेताओं ने कहा कि पंजाब के शिक्षा मंत्री समेत सभी शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी मांगों सहमत भी हो चुके हैं और यह भरोसा भी देते हैं कि आपको रेगुलर करने में कोई अड़चन नहीं है लेकिन इस बात का फैसला मुख्यमंत्री को करना है।
अब जत्थेबंदियों की तरफ से मुख्य मंत्री ढूंढो और रेगुलर हो मुहिम के अंतर्गत पंजाब में किसी भी फेरी के मौके सीएम आगे यह मांगों का मुद्दा रखा जाए और उन्हें मांगें मानने के लिए मजबूर किया जाए।