पटियाला। सीएम सिटी बेरोजगारों व अध्यापकों के आंदोलन का केंद्र बनता जा रहा है। रविवार को पंजाब के विभिन्न जिलों से पहुंचे कंप्यूटर टीचरों ने बारादरी बाग में काफी गिनती में इकट्ठा होने के बाद मोती महल की तरफ कूच किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने फव्वारा चौक में ही टीचरों को रोककर मांगों को लेकर मंगलवार को सरकार साथ चंडीगढ़ में बैठक का लिखित वादा दे दिया। जिसके बाद कंप्यूटर टीचरों ने चेतावनी दी कि अगर बैठक बेनतीजा रही, तो चार जुलाई को पटियाला में दोबारा बड़ी गिनती में इकट्ठे होकर प्रदर्शन कर मोती महल का घेराव करेंगे।
बैठक बेनतीजा रही, तो परिवारों साथ करेंगे मोती महल का घेराव
उधर एनएसक्यूएफ वोकेशनल अध्यापकों ने रविवार को पत्रकार वार्ता कर साफ कर दिया कि अगर मंगलवार को चंडीगढ़ में होने वाली बैठक में वोकेशनल अध्यापकों की मांगों को हल न किया गया, तो अगले ही दिन बुधवार को परिवारों समेत मोती महल का घेराव किया जाएगा। वोकेशनल अध्यापक पिछले कई दिन से गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के नजदीक पक्का धरना लगाकर बैठे हैं। मुख्य मांग सेवाओं को रेगुलर करने की है।
टावर पर बैठे बेरोजगार ने राष्ट्रपति व पंजाब सरकार से मांगी इच्छा मृत्यु
रोजगार की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर पिछले 92 दिनों से बैठे बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापक सुरिंदर पाल सिंह गुरदासपुर ने पंजाब सरकार व राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है। रविवार को जारी बयान में उसने कहा है कि उसकी सेहत लगातार खराब हो रही है। चमड़ी रोगों के अलावा उसके सारे शरीर में काफी दर्द है। इसलिए कैप्टन सरकार की गलत नीतियों से तंग आकर वह मांग करता है कि उसे इच्छा मौत की मंजूरी दी जाए। रविवार को सुरिंदरपाल सिंह ने मरणव्रत भी शुरू कर दिया।